मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित होने जा रहे भव्य सामूहिक विवाह समारोह से पहले अनूठा दृश्य देखने को मिला। MP News के अनुसार, कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हल्दी लगाकर समारोह की औपचारिक शुरुआत की। इस कार्यक्रम को बुंदेलखंड का ‘महाकुंभ’ बताया जा रहा है, क्योंकि यहां एक साथ 300 कन्याएं विवाह बंधन में बंधेंगी।
परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ हुआ शुभारंभ
मुख्यमंत्री मोहन यादव समारोह में शामिल हुए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की। इसके बाद धीरेंद्र शास्त्री ने उन्हें हल्दी लगाई, जिससे उत्सव का वातावरण और भी आनंदमय हो गया। मुख्यमंत्री ने भी शास्त्री को हल्दी लगाकर सभी भावी दुल्हनों के सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
हर दुल्हन को ₹51 हजार की सहायता
MP News में दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राज्य की सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक दुल्हन को ₹51 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया और देवउठनी एकादशी जैसे शुभ मुहूर्तों पर यह सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह से अनावश्यक खर्च रुकता है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।
सामाजिक समरसता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 हिंदू संस्कारों में विवाह का विशेष महत्व है और धार्मिक स्थलों की भूमिका केवल आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों के प्रसार में भी अहम है। उन्होंने बागेश्वर धाम द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की और कहा कि सरकार ऐसे कल्याणकारी प्रयासों के साथ खड़ी है।
कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने मुख्यमंत्री को सम्मान स्वरूप प्रतीकात्मक हल भेंट किया। बाद में ‘समरसता भोज’ का आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न समुदायों के लोगों ने साथ बैठकर भोजन किया। MP News की यह पहल सामाजिक एकता और संस्कारों के संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है।

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