PM Kisan 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर चार महीने में 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो बीज, खाद और सिंचाई जैसे जरूरी खर्चों में मदद करती है। दिसंबर से मार्च की अवधि वाली अगली किस्त की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह में राशि जारी हो सकती है।
पिछली किस्त और भुगतान का समय
नियमों के अनुसार, पीएम किसान योजना की राशि साल में तीन समान किस्तों में दी जाती है। 21वीं किस्त का भुगतान चरणबद्ध तरीके से सितंबर से नवंबर के बीच किया गया था। अब चार महीने की अवधि पूरी हो चुकी है, इसलिए तकनीकी रूप से अगली किस्त का समय आ गया है। ऐसे में PM Kisan 22वीं किस्त को लेकर किसानों की उत्सुकता बढ़ गई है।
30 लाख किसान क्यों हैं रडार पर?
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार करीब 30 लाख किसानों का नाम लाभार्थी सूची से हट सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के किसान अधिक प्रभावित हो सकते हैं। डिजिटल वेरिफिकेशन और तकनीकी जांच के कारण कई नामों में बदलाव हुआ है।
किस वजह से अटक सकता है पैसा?
PM Kisan 22वीं किस्त रुकने के पीछे मुख्य कारण ई-केवाईसी अधूरी होना, बैंक खाते का आधार से लिंक न होना, भूमि सत्यापन लंबित रहना या गलत बैंक विवरण दर्ज होना है। कई मामलों में बैंक विलय के बाद बदले हुए IFSC कोड अपडेट न होने से डीबीटी असफल हो रही है।
सरकार का रुख और समाधान
कृषि मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भुगतान केवल आधार-इनेबल्ड खातों में ही किया जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए कॉमन सर्विस सेंटर और डाकघरों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। यदि किसी किसान की पिछली किस्त रुकी है, तो विवरण सही कराने के बाद वह राशि अगली किस्त के साथ मिल सकती है।
वर्ष 2019 में शुरू हुई यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी डीबीटी योजनाओं में शामिल है। अब तक सरकार करोड़ों किसानों के खातों में सीधे सहायता राशि ट्रांसफर कर चुकी है। ऐसे में PM Kisan 22वीं किस्त पाने के लिए समय रहते सभी जरूरी दस्तावेज अपडेट करना बेहद जरूरी है।

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