उज्जैन मेडिकल डिवाइस पार्क निवेश के तहत साउथ कोरिया की प्रसिद्ध कंपनी ईसीडीएस ने 780 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल उपकरण निर्माण यूनिट का कार्य शुरू कर दिया है। विक्रम उद्योगपुरी स्थित पार्क में यह परियोजना प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के तहत स्थापित की जा रही है। 12 फरवरी को कंपनी के प्रतिनिधियों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने के बाद निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस उज्जैन मेडिकल डिवाइस पार्क निवेश में तीन अन्य दक्षिण कोरियाई कंपनियां भी साझेदार हैं, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
अत्याधुनिक तकनीक से बनेगी कैंसर जांच किट
उज्जैन मेडिकल डिवाइस पार्क निवेश के माध्यम से यहां अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित मेडिकल उपकरण तैयार किए जाएंगे। विशेष रूप से यूरिन टेस्ट के जरिए कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने वाली किट्स का उत्पादन किया जाएगा। इससे बीमारी का समय रहते पता लग सकेगा और इलाज शीघ्र संभव होगा। इस पहल से देश में मेडिकल उपकरणों का घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और आयात पर निर्भरता घटेगी। परियोजना के पहले चरण में ही करीब 500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, जिसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
पर्यावरण के अनुकूल तकनीक पर जोर
ईसीडीएस सस्टेनेबल डेवलपमेंट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कार्यरत अंतरराष्ट्रीय कंपनी है। उज्जैन मेडिकल डिवाइस पार्क निवेश के तहत कंपनी क्लीन-टेक, हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी और ग्रीन मटेरियल से जुड़े उत्पाद तैयार करेगी। कंपनी की तकनीकें वैश्विक मानकों पर आधारित हैं और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर विकसित की जाती हैं।
सरकार की नीतियों से बढ़ा भरोसा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियाएं सरल की गई हैं। सिंगल विंडो सिस्टम और त्वरित मंजूरी जैसी सुविधाओं ने उज्जैन मेडिकल डिवाइस पार्क निवेश को गति दी है। पार्क में बिजली, पानी, सड़क, लॉजिस्टिक सपोर्ट और टेस्टिंग लैब जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। कंपनी का लक्ष्य अप्रैल 2027 तक उत्पादन शुरू करना है। अधिकारियों का मानना है कि इस निवेश से उज्जैन को मेडिकल उपकरण निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान मिलेगी।

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