Maha Shivratri 2026 के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित सभी स्थायी और अस्थायी गो आश्रय स्थलों में नंदी पूजन का आयोजन किया गया। पशुपालन निदेशक डॉ. मेमपाल सिंह ने इस संबंध में सभी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे। वहीं प्रयागराज संगम में माघ मेले का अंतिम स्नान पर्व भी Maha Shivratri 2026 पर ही पड़ रहा है, जिसके चलते सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। प्रशासन ने 15 से 16 लाख श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान जताया है।
गो आश्रय स्थलों में नंदी पूजन का आयोजन
Maha Shivratri 2026 के अवसर पर नंदी पूजन को विशेष धार्मिक महत्व देते हुए सभी गो आश्रय स्थलों की साफ-सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित की गई। विधि-विधान से नंदी और गोवंश की पूजा कर गो संरक्षण एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गोवंश के लिए हरा चारा, गुड़ और अन्य विशेष आहार की व्यवस्था भी की गई।
प्रयागराज संगम में अंतिम स्नान
Maha Shivratri 2026 पर माघ मेला का आखिरी स्नान होने से संगम तट पर विशेष उत्साह है। मेला तीन जनवरी से शुरू हुआ था और महाकुंभ के बाद पहला आयोजन होने के कारण इस बार भीड़ अधिक रही। जलस्तर बढ़ने के कारण घाटों का पुनर्निर्माण और मरम्मत कराई गई है। प्रशासन के अनुसार इस समय संगम में आठ से दस हजार क्यूसेक जल प्रवाहित हो रहा है। कटान रोकने के लिए बोरियां लगाई गई हैं और घाटों को सुरक्षित बनाया गया है।
शिवालयों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में भी Maha Shivratri 2026 पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। दशाश्वमेध, नागवासुकि, मनकामेश्वर, गंगोली शिवाला और सोमेश्वर महादेव मंदिरों में विशेष प्रबंध किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरे और एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं तथा मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
Maha Shivratri 2026 के इस पावन दिन पर हर तरफ ‘हर-हर महादेव’ की गूंज सुनाई दे रही है और श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आ रहे हैं।

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