वसुंधरा राजे महाकाल दर्शन के लिए धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचीं, जहां उन्होंने ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उज्जैन से उनका संबंध बेहद पुराना और आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि सूर्य मंदिर के पास उनका आवास हुआ करता था और वे नियमित रूप से बाबा महाकाल के दर्शन करने आती थीं। आज भी समय-समय पर यहां आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि बाबा महाकाल का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहा है और सुख-दुख के हर क्षण में वे उनकी रक्षा करते हैं।
राजस्थान और महाकाल के बीच गहरी आस्था का रिश्ता
वसुंधरा राजे महाकाल दर्शन के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान के श्रद्धालुओं की बाबा महाकाल में गहरी आस्था है और बड़ी संख्या में लोग उज्जैन आकर दर्शन करते हैं। उन्होंने बताया कि महाकाल मंदिर के पुजारी परिवार से उनका पारिवारिक संबंध भी रहा है, जिससे उनका इस पवित्र स्थान से भावनात्मक जुड़ाव और मजबूत हुआ है।
मंदिर विकास और सौंदर्यीकरण की सराहना
पूर्व मुख्यमंत्री ने महाकाल मंदिर के वर्तमान भव्य स्वरूप की सराहना करते हुए कहा कि मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण की परिकल्पना श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखकर की गई थी। उन्होंने कहा कि आज मंदिर दिव्य और आकर्षक स्वरूप में दिखाई देता है और यहां आने वाले भक्तों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे दर्शन व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुगम और व्यवस्थित हो गई है।
विधिवत पूजन और मंदिर समिति ने किया स्वागत
वसुंधरा राजे महाकाल दर्शन के बाद उन्होंने भगवान श्री वीरभद्र जी के दर्शन किए और महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह में उपयोग होने वाले ध्वज का विधिवत पूजन भी किया। इस दौरान मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल और सहायक प्रशासक प्रतीक द्विवेदी ने उनका स्वागत और सम्मान किया। उनका यह दौरा श्रद्धा, आस्था और महाकाल से उनके गहरे आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक माना जा रहा है।

Leave a Comment