उज्जैन कलेक्टर अस्पताल निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय कई डॉक्टर और कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद कलेक्टर ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों की एक दिन की सैलरी काटने और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति देखी गई।
उज्जैन कलेक्टर अस्पताल निरीक्षण में सामने आई बड़ी लापरवाही
उज्जैन कलेक्टर अस्पताल निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल की कई व्यवस्थाओं की जांच की गई। निरीक्षण के समय यह पाया गया कि कई डॉक्टर और कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे। इस पर कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के सुशासन के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी क्रम में किए गए इस औचक निरीक्षण में लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अनुपस्थित कर्मचारियों की एक दिन की सैलरी काटने का आदेश
उज्जैन कलेक्टर अस्पताल निरीक्षण के बाद जिला कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अनुपस्थित पाए गए डॉक्टरों और कर्मचारियों की एक दिन की सैलरी काटी जाएगी। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा रहा है।
कलेक्टर ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को समय पर उपचार और दवाइयां मिलनी चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के दिए निर्देश
उज्जैन कलेक्टर अस्पताल निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई जरूरी निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि मरीजों को इलाज और दवा लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
अस्पताल में लंबे समय से खराब पड़ी लिफ्टों को लेकर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने बताया कि फिलहाल लिफ्टों की मरम्मत का कार्य जारी है। इस सप्ताह दो नई लिफ्ट चालू होने की संभावना है, जबकि अगले एक से डेढ़ महीने में अस्पताल परिसर की सभी लिफ्टें पूरी तरह से चालू कर दी जाएंगी।
मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर
मध्य प्रदेश सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में कहा था कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
राज्य में मातृ मृत्यु दर में कमी आई है और शिशु मृत्यु दर भी पहले की तुलना में घटकर बेहतर स्थिति में पहुंची है। जननी सुरक्षा योजना और मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना के तहत लाखों लाभार्थियों को आर्थिक सहायता दी गई है।
इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत राज्य में करोड़ों आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिससे पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पीएम श्री एयर एंबुलेंस सेवा भी शुरू की गई है, जिससे अब तक कई गंभीर मरीजों को त्वरित इलाज मिल चुका है।

Leave a Comment