टिल्लर नदी के पुल पर मेंटनेंस के दौरान हुआ हादसा
यह दुर्घटना उस समय हुई जब टिल्लर नदी पर बने पुल पर पुराने गार्डर को हटाकर नया गार्डर लगाया जा रहा था। रेलवे द्वारा पहले से ही इस काम के लिए कुछ घंटों का ब्लॉक लिया गया था ताकि ट्रेनों का संचालन रोका जा सके और काम सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके।
सुबह के समय जब क्रेन की मदद से गार्डर बदला जा रहा था तभी अचानक स्थिति बिगड़ गई और क्रेन असंतुलित होकर सीधे नदी में गिर गई। बताया जा रहा है कि क्रेन का पहिया जमीन में धंस गया था जिसकी वजह से संतुलन बिगड़ गया और यह बड़ा हादसा हो गया।
ओएचई लाइन को लेकर अलग अलग दावे
हादसे के बाद यह खबर भी सामने आई कि पुल के ऊपर लगी ओएचई वायर टूट गई थी जिससे ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा। हालांकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि काम शुरू करने से पहले ही इस वायर को हटा लिया गया था ताकि मेंटनेंस सुरक्षित तरीके से किया जा सके।
इस मामले में अलग अलग बातें सामने आई हैं लेकिन अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा के सभी इंतजाम पहले से किए गए थे।
ट्रेनों का संचालन कुछ समय के लिए प्रभावित
हादसे के बाद कुछ समय तक ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। रेलवे ने स्थिति को संभालने के लिए सिंगल लाइन से ट्रेनों का संचालन शुरू किया ताकि यात्रियों को ज्यादा परेशानी न हो।
रेलवे की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सुधार कार्य शुरू किया गया। दिनभर की मेहनत के बाद शाम तक स्थिति सामान्य कर दी गई और रेल संचालन फिर से पूरी तरह बहाल हो गया।
राहत दल की तेजी से बड़ी मदद
जैसे ही हादसे की जानकारी मिली उज्जैन से राहत दल तुरंत मौके पर पहुंच गया। टीम ने तेजी से काम करते हुए स्थिति को संभाला और ट्रैक को सुरक्षित बनाया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार शाम छह बजे तक पूरा सुधार कार्य पूरा कर लिया गया था जिससे ट्रेनों की आवाजाही सामान्य हो सकी।
लाखों का नुकसान लेकिन बड़ा हादसा टला
इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है जो सबसे बड़ी राहत की बात है। लेकिन क्रेन और अन्य उपकरणों के नुकसान के कारण लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
अगर यह हादसा किसी और समय होता जब ट्रेन गुजर रही होती तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी इसलिए इसे एक बड़ी चेतावनी के रूप में भी देखा जा रहा है।
उज्जैन भोपाल रेल लाइन पर हुआ यह हादसा दिखाता है कि मेंटनेंस के दौरान भी जोखिम बना रहता है। हालांकि रेलवे की तत्परता से स्थिति जल्दी नियंत्रण में आ गई लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए और ज्यादा सतर्कता जरूरी है।

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