आज उज्जैन के लिए एक बेहद खास और ऐतिहासिक दिन रहा जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शहर को कई बड़ी सौगातें दीं। हरियाखेड़ी में 1133 करोड़ 67 लाख की लागत से बनने वाली जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन वेद मंत्रोच्चार के साथ किया गया। इसके साथ ही उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स बनाने की घोषणा ने पूरे शहर में नई उम्मीद जगा दी है। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए यह पूरा विकास कार्य किया जा रहा है ताकि आने वाले वर्षों में उज्जैन को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आयुर्वेदिक एम्स की घोषणा से बढ़ी उज्जैन की गरिमा
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंच से ऐलान किया कि उज्जैन में आयुर्वेदिक का एम्स स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब भगवान धन्वंतरी का संबंध उज्जैन से है तो आयुर्वेदिक एम्स भी यहीं बनना चाहिए। इस घोषणा के बाद लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। यह संस्थान न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए आयुर्वेद चिकित्सा का बड़ा केंद्र बनेगा।
हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना के बाद उज्जैन में जल संकट की समस्या खत्म होने की उम्मीद है। इस योजना के तहत 17 नई टंकियां बनाई जाएंगी। 708 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डाली जाएगी जिसमें 534 किलोमीटर नया वितरण नेटवर्क तैयार होगा। पुरानी पाइपलाइन बदली जाएगी ताकि लोगों को शुद्ध और नियमित पानी मिल सके।
परियोजना के अंतर्गत हरियाखेड़ी और गंभीर पर दो नए इंटेक वेल बनाए जाएंगे। अंबोदिया में 70 एमएलडी क्षमता का प्लांट बनेगा। गौघाट में 80 एमएलडी और हरियाखेड़ी में 100 एमएलडी क्षमता के नए जल शोधन संयंत्र स्थापित होंगे। कुल मिलाकर 250 एमएलडी क्षमता विकसित की जाएगी जिससे मौजूदा संयंत्रों को भी मजबूती मिलेगी।
सिंहस्थ 2028 से पहले पानी और विकास की बड़ी तैयारी
सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन की प्रभावी जनसंख्या लगभग 9 लाख 65 हजार और मेला क्षेत्र की अस्थायी जनसंख्या लगभग 21 लाख 83 हजार रहने का अनुमान है। दिव्य स्नान के दिनों में एक ही दिन में 228 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की गई है। करीब 20 गांवों को भी इस योजना में शामिल किया गया है ताकि भविष्य में बढ़ती आबादी की जरूरतें पूरी हो सकें।
देवास रोड स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और सिलारखेड़ी तालाब की क्षमता 6 से 51 एमसीएम की जाएगी। योजना के बाद शहर को प्रतिदिन 100 एमएलडी शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। 49 हजार से अधिक नए घरेलू कनेक्शन दिए जाएंगे। यह परियोजना वर्ष 2055 तक उज्जैन की जल जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगी।
मुख्यमंत्री ने डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए 16 नई गाड़ियां और पांच अन्य वाहनों को हरी झंडी दिखाई। कालिदास अकादमी में उनका भव्य स्वागत हुआ जहां कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने संदीपनी आश्रम मंगलनाथ शनि मंदिर चिंतामन मंदिर और अंगारेश्वर मंदिर में भी विकास कार्य कराने की बात कही। साथ ही रोजगार प्रबंधन के तहत काम करने वाली बहनों को पांच हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की। विज्ञान कॉलेज में 1200 लोगों की क्षमता वाले गीता भवन का लोकार्पण भी जल्द होगा।
दशहरा मैदान पर श्री महाकाल वन मेला उज्जैन 2026 का शुभारंभ भी किया जाएगा जो 11 से 16 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
उज्जैन के लिए यह समय विकास और नई शुरुआत का है। आयुर्वेदिक एम्स और विशाल जल परियोजना आने वाले वर्षों में शहर की तस्वीर बदल सकती है।

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