महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। बारह ज्योतिर्लिंगों में तृतीय माने जाने वाले महाकालेश्वर मंदिर में तड़के 2:30 बजे पट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। आठ कतारों में भक्तों ने दर्शन किए। भस्म आरती के बाद दधिोदक और भोग आरती संपन्न हुई। मंदिर प्रशासन के अनुसार शाम 5 बजे तक 3,96,278 श्रद्धालु और रात 7 बजे तक कुल 4,78,943 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। मंदिर के शिखर पर नवीन ध्वजा भी अर्पित की गई।
विशेष पूजन और भव्य शृंगार
महाशिवरात्रि पर रात 10:30 बजे से महाअभिषेक, रुद्रपाठ और पंचामृत पूजन का आयोजन हुआ। सोमवार को शयन आरती तक दर्शन जारी रहेंगे। सुबह सेहरा दर्शन होंगे, जिसमें पुजारी भगवान महाकाल का पुष्प मुकुट, चंद्र मुकुट, छत्र और त्रिपुंड से भव्य शृंगार करेंगे। विभिन्न मिष्ठान और पंचमेवा का भोग अर्पित किया जाएगा। वर्ष में एक बार होने वाली विशेष भस्म आरती दोपहर 12 बजे संपन्न होगी, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।
ओंकारेश्वर में हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा
महाशिवरात्रि पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह 3 बजे पूजन के बाद कपाट खोले गए और दिनभर करीब 90 हजार भक्तों ने दर्शन किए। दोपहर 12 बजे पीएमश्री हेलीकॉप्टर से मंदिर परिसर में पुष्पवर्षा की गई। पंचामृत पूजन, मंगला आरती और फलाहारी भोग के साथ पर्व मनाया गया। प्रशासन ने मोरटक्का से ओंकारेश्वर का किराया 20 रुपये निर्धारित किया।
महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति ने उज्जैन और ओंकारेश्वर दोनों धामों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

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