उज्जैन में इस बार ज्येष्ठ अधिक मास के दौरान धार्मिक आस्था का बड़ा संगम देखने को मिलेगा। पंचांग के अनुसार 2 मई 2026 से शुरू होने वाला यह विशेष मास लगभग दो महीने तक चलेगा, जिसके चलते देशभर से हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन और पूजन के लिए उज्जैन पहुंचेंगे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस दौरान चौरासी महादेव, नौ नारायण और सप्त सागर के दर्शन का विशेष महत्व होता है। यही वजह है कि इस अवधि में उज्जैन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि यह संयोग करीब आठ साल बाद बन रहा है। इससे पहले वर्ष 2018 में ऐसा अवसर आया था। इस बार भी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और शहर में बड़े धार्मिक आयोजनों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
ज्येष्ठ अधिक मास 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक चलेगा। इस दौरान स्नान, दान, कथा, भागवत श्रवण और तीर्थ दर्शन का विशेष महत्व रहेगा। कई श्रद्धालु पूरे महीने व्रत और पूजा-पाठ भी करते हैं, जिससे इस अवधि का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।
प्रशासन भी इस दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को मजबूत करने की तैयारी में जुट गया है। माना जा रहा है कि सिंहस्थ से पहले ही उज्जैन में महाकुंभ जैसा माहौल देखने को मिल सकता है।

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