Badnagar news: समाज में कई ऐसे वर्ग हैं जो चुपचाप अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहते हैं लेकिन जब उनकी समस्याएं बढ़ जाती हैं तो उन्हें अपनी बात प्रशासन तक पहुंचानी पड़ती है। बड़नगर तहसील में भी ऐसा ही एक दृश्य देखने को मिला जब अखिल भारतीय धर्म समाज पुजारी इकाई मध्यप्रदेश ने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस पहल का उद्देश्य शासन संधारित मंदिरों से जुड़े पुजारी किसानों की कृषि संबंधी परेशानियों का समाधान कराना है।
गेहूं पंजीयन और फार्मर आईडी की मांग
प्रदेश अध्यक्ष महंत सालेगरामदास बैरागी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम धीरेन्द्र पाराशर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से आगामी गेहूं पंजीयन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने की मांग की गई। पुजारी वर्ग ने कहा कि अन्य किसानों को जिस प्रकार फार्मर आईडी के माध्यम से खाद उपलब्ध कराया जा रहा है उसी तरह पुजारी किसानों के लिए भी फार्मर आईडी बनाई जाए। इससे उन्हें खाद और अन्य कृषि संसाधन प्राप्त करने में परेशानी नहीं होगी और वे समय पर खेती कर सकेंगे।
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने की मांग
ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई कि पुजारी किसानों को शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए। मंदिरों की कृषि भूमि पर होने वाली फसलों का बीमा सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी प्राकृतिक आपदा या अन्य कारण से नुकसान होने पर उचित मुआवजा मिल सके। उनका कहना है कि जब अन्य किसानों को योजनाओं का लाभ मिलता है तो पुजारी किसानों को भी समान अधिकार मिलना चाहिए।
मुआवजा और बीमा सुरक्षा की जरूरत
कृषि कार्य मौसम पर निर्भर होता है और कई बार प्राकृतिक आपदाएं फसल को नुकसान पहुंचा देती हैं। ऐसे में बीमा और मुआवजा किसानों के लिए राहत का सहारा बनता है। पुजारी वर्ग ने मांग की है कि मंदिरों की कृषि भूमि पर होने वाली फसलों को भी बीमा सुरक्षा मिले ताकि किसी भी संकट की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पुजारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया और समाधान की उम्मीद जताई। संगठन के जिला अध्यक्ष नितिन शर्मा ने इस पूरी जानकारी को साझा करते हुए कहा कि पुजारी किसानों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण होना चाहिए ताकि वे बिना बाधा अपनी खेती और धार्मिक सेवा दोनों कर सकें।
यह पहल दिखाती है कि हर वर्ग अपनी मेहनत और अधिकार के लिए जागरूक हो रहा है और न्यायपूर्ण व्यवस्था की उम्मीद रखता है।

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