उज्जैन के राघोपिपलिया गांव में एक तालाब में नहाने गए दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और दोनों परिवारों का रो रोकर बुरा हाल है।
मिली जानकारी के अनुसार राघोपिपलिया गांव में रहने वाले दो किशोर अपने दोस्तों के साथ तालाब में नहाने के लिए गए थे। नहाते समय अचानक दोनों बच्चे तालाब की गहराई में चले गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद एक अन्य बच्चे ने जब यह देखा तो वह घबराकर तुरंत गांव की ओर भागा और ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी।
दोस्तों के साथ गए थे नहाने अचानक गहराई में चले गए
बताया जा रहा है कि 15 वर्षीय रोहित पिता गोवर्धन राजोरिया और 14 वर्षीय दीपेश पिता पवन राजोरिया अपने दोस्तों के साथ तालाब में नहाने पहुंचे थे। शुरुआत में सभी बच्चे तालाब के किनारे खेलते हुए नहा रहे थे लेकिन कुछ ही देर में रोहित और दीपेश तालाब की गहराई में चले गए।
जब तक अन्य बच्चों को स्थिति समझ में आती तब तक दोनों किशोर पानी में डूबने लगे। उनके साथ मौजूद एक बच्चे ने तुरंत गांव पहुंचकर लोगों को बताया कि तालाब में दो बच्चे डूब गए हैं। सूचना मिलते ही गांव में अफरा तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने घंटों तक की तलाश लेकिन नहीं बच सके दोनों बच्चे
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण तुरंत तालाब की ओर दौड़े और बच्चों की तलाश शुरू कर दी। ग्रामीणों ने करीब एक से दो घंटे तक लगातार तालाब में खोजबीन की। काफी मशक्कत के बाद दोनों किशोरों को तालाब से बाहर निकाला गया।
लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और दोनों बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। दोनों परिवारों पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही नानाखेड़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों किशोरों के शव को बाहर निकलवाया और उन्हें सिविल अस्पताल भिजवाया। अस्पताल में दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया कि तपोभूमि और ब्रिज के आगे स्थित तालाब में दो बच्चों के डूबने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से दोनों को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद गांव में गहरा दुख और शोक का माहौल है।
गांव के लोग भी इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं और हर कोई यही कह रहा है कि अगर समय रहते मदद मिल जाती तो शायद दोनों बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।

Leave a Comment