एमपी प्रशासनिक सर्जरी को लेकर प्रदेश में प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार जल्द ही मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल हो सकता है। इस एमपी प्रशासनिक सर्जरी के पहले चरण में भोपाल समेत लगभग 12 जिलों के कलेक्टरों के तबादले की संभावना जताई जा रही है। यह बहुप्रतीक्षित बदलाव एसआईआर प्रक्रिया के बाद होने वाला है और इसे दो चरणों में लागू किया जा सकता है।
एमपी प्रशासनिक सर्जरी में इन जिलों के कलेक्टर बदलने की चर्चा
एमपी प्रशासनिक सर्जरी के तहत भोपाल कलेक्टर विक्रम कौशलेंद्र सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है। उनकी जगह युवा आईएएस अधिकारी प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। प्रियंक मिश्रा ने धार जिले में बसंत पंचमी के दौरान भोजशाला मामले में उत्पन्न तनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संभालकर प्रशासनिक क्षमता का प्रदर्शन किया था। हालांकि अभी इस पद के लिए अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और किसी अन्य अधिकारी के नाम पर भी सहमति बन सकती है।
कई जिलों के कलेक्टरों को मंत्रालय बुलाने की चर्चा
एमपी प्रशासनिक सर्जरी के दौरान कई जिलों के कलेक्टरों को मंत्रालय में नई जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चा है। इनमें नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीणा, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, ग्वालियर कलेक्टर रूचिका चौहान और शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा, उमरिया कलेक्टर धरणेंद्र कुमार जैन और मैहर कलेक्टर रानी बाथड को भी मंत्रालय में पदस्थ किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में भी हो सकता है बदलाव
एमपी प्रशासनिक सर्जरी का असर मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी पहुंच सकता है। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय को एक और सचिव मिल सकता है। वर्तमान में यहां आलोक कुमार सिंह और इलैया राजा टी सचिव के रूप में कार्यरत हैं।
सूत्रों का कहना है कि इनमें से किसी एक अधिकारी को बदला जा सकता है और कुछ अतिरिक्त सचिवों के पदों में भी बदलाव संभव है। इसके अलावा अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर पर भी फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है।
कई जिलों के कलेक्टर फिलहाल नहीं बदले जाएंगे
एमपी प्रशासनिक सर्जरी के बावजूद प्रदेश के करीब 30 जिलों के कलेक्टरों को फिलहाल नहीं हटाया जाएगा। सरकार ने उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने का अवसर देने का निर्णय लिया है।
इनमें उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल, कटनी कलेक्टर आशीष सिंह, हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन और छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण सिंह के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता, दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े, आगर मालवा कलेक्टर प्रीति यादव, बड़वानी कलेक्टर जयती सिंह, रतलाम कलेक्टर मीसा सिंह और पन्ना कलेक्टर उषा परमार को भी फिलहाल अपने पद पर बने रहने का मौका मिल सकता है।
एमपी प्रशासनिक सर्जरी के तहत होने वाले इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को प्रदेश की शासन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

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