States Madhya Pradesh Ujjain News Agriculture Aaj ka rashifal Country and World Life Style

MP ESB Vacancy Crisis 2026 कर्मचारी चयन मंडल में 60 प्रतिशत पद खाली भर्ती व्यवस्था पर बड़ा असर

By Dainik Jan Times

Published on: March 21, 2026

Follow Us

MP ESB Vacancy Crisis 2026

---Advertisement---

अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल में जो संस्था पूरे राज्य की भर्तियों का जिम्मा संभालती है वही आज खुद स्टाफ की भारी कमी से जूझ रही है। इस स्थिति ने न सिर्फ भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित किया है बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

मंडल में 187 में से सिर्फ 73 कर्मचारी ही काम कर रहे

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल में कुल 187 पद स्वीकृत हैं लेकिन इनमें से केवल 73 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। यानी करीब 114 पद खाली हैं और यह संख्या लगभग 60 प्रतिशत के आसपास पहुंच चुकी है। इतनी बड़ी कमी किसी भी संस्था के कामकाज को प्रभावित करने के लिए काफी है और यहां भी यही स्थिति देखने को मिल रही है।

अहम पद भी खाली होने से बढ़ी परेशानी

स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब पता चलता है कि सिर्फ छोटे पद ही नहीं बल्कि कई बड़े और जिम्मेदार पद भी खाली पड़े हैं। अतिरिक्त संचालक नियंत्रक संयुक्त संचालक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ प्रोग्रामर सहायक संचालक लेखा अधिकारी और अधीक्षक जैसे पदों पर नियुक्ति नहीं हो पाई है।

डिप्टी कंट्रोलर के अधिकांश पद खाली हैं और जूनियर अकाउंट्स ऑफिसर से लेकर सहायक ग्रेड तक कई स्तरों पर बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं। डाटा एंट्री ऑपरेटर और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भी कमी बनी हुई है जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।

अतिरिक्त प्रभार से चल रहा काम

जब किसी विभाग में कर्मचारी नहीं होते तो काम को संभालने के लिए अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जाती है और यहां भी यही हो रहा है। वरिष्ठ अधिकारी एक से ज्यादा पदों का कार्य देख रहे हैं जिससे काम का दबाव बढ़ गया है और निर्णय लेने की प्रक्रिया भी धीमी हो गई है।

इस तरह की व्यवस्था लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होती और इससे काम की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है।

भर्ती परीक्षाओं पर सीधा असर

मंडल का मुख्य काम विभिन्न विभागों के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित करना है लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण यही काम प्रभावित हो रहा है। पिछले साल 16 परीक्षाएं कराई गई थीं जबकि इस साल 22 परीक्षाओं की योजना है।

लेकिन स्टाफ कम होने के कारण कई काम आउटसोर्स कर्मचारियों से कराए जा रहे हैं और निगरानी कमजोर पड़ रही है। इससे पारदर्शिता और भरोसे पर भी असर पड़ सकता है जो किसी भी भर्ती प्रक्रिया के लिए बेहद जरूरी होता है।

आखिर क्यों खाली रह गए इतने पद

इस स्थिति के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। भर्ती परीक्षाओं में पहले सामने आई अनियमितताओं ने भी व्यवस्था को कमजोर किया है। इसके अलावा समय पर भर्ती न होना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी भी बड़ी वजह है।

जब एक संस्था खुद अपने कर्मचारियों की भर्ती नहीं कर पा रही है तो यह एक गंभीर प्रशासनिक चुनौती को दर्शाता है।

युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर

जो युवा सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए यह खबर सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। अगर भर्ती कराने वाली संस्था में ही स्टाफ की कमी होगी तो परीक्षाओं में देरी हो सकती है रिजल्ट आने में समय लग सकता है और पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

इसलिए जरूरी है कि इस समस्या का जल्द समाधान निकाला जाए ताकि युवाओं को समय पर अवसर मिल सके।

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल में 60 प्रतिशत पद खाली होना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं बल्कि एक गंभीर चेतावनी है। यह दिखाता है कि सिस्टम के अंदर ही सुधार की जरूरत है। अगर समय रहते इन पदों को नहीं भरा गया तो आने वाले समय में भर्ती प्रक्रिया और ज्यादा प्रभावित हो सकती है।

Leave a Comment