कालीसिंध महोत्सव विवाद उस समय बढ़ गया जब उज्जैन जिले के माकड़ौन तहसील के सामानेरा गांव में आयोजित मेले के दौरान डांस कार्यक्रम में अचानक हंगामा शुरू हो गया। कार्यक्रम के दौरान मौजूद भीड़ बेकाबू हो गई और हालात संभालने के लिए पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी।
कालीसिंध महोत्सव विवाद: मंदिर परिसर में डांस से बढ़ा तनाव
कालीसिंध महोत्सव विवाद की शुरुआत मंदिर परिसर के पास आयोजित डांस कार्यक्रम से हुई। ब्राह्मणी माता मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर हर साल मेले का आयोजन किया जाता है, जो इस बार 19 से 28 मार्च तक चला।
मेले के अंतिम दिन मंच पर फिल्मी गानों पर डांस का आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इसी दौरान माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गया।
कालीसिंध महोत्सव विवाद: स्टेज पर चढ़ने लगे दर्शक
कालीसिंध महोत्सव विवाद के दौरान डांस कार्यक्रम देखते हुए कुछ युवक बेकाबू हो गए और स्टेज के पास पहुंचने लगे। कई लोग स्टेज पर चढ़ने की कोशिश करने लगे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
पुलिस ने पहले लोगों को समझाने और नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो स्थिति नियंत्रण से बाहर जाने लगी।
पुलिस की सख्ती से काबू में आई स्थिति
कालीसिंध महोत्सव विवाद में हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को मौके से खदेड़ा, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकी।
थाना प्रभारी प्रदीप सिंह राजपूत के अनुसार मेला पहले शांतिपूर्ण चल रहा था, लेकिन कुछ लोगों के हुड़दंग के कारण पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
कालीसिंध महोत्सव विवाद से जुड़ा वीडियो घटना के दो दिन बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद इस पूरे मामले ने और अधिक चर्चा बटोरी।
निष्कर्ष
कालीसिंध महोत्सव विवाद यह दर्शाता है कि सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना कितना जरूरी है। समय पर पुलिस कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।

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