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भोपाल में बड़ा शक्ति प्रदर्शन, Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge करेंगे किसान सम्मेलन को संबोधित

By Dainik Jan Times

Published on: February 21, 2026

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भोपाल में बड़ा शक्ति प्रदर्शन, Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge करेंगे किसान सम्मेलन को संबोधित

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 फरवरी को होने वाला भोपाल किसान सम्मेलन राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। इस कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे किसानों को संबोधित करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि यह सम्मेलन किसानों की समस्याओं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों के संभावित प्रभाव को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। पार्टी के अनुसार भोपाल किसान सम्मेलन के जरिए किसानों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की जाएगी।

ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस का विरोध

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रस्तावित इंडो-यूएस ट्रेड डील का असर देश के कई राज्यों के किसानों पर पड़ सकता है। विशेष रूप से कपास, सोयाबीन और मक्का उगाने वाले किसानों की चिंता को ध्यान में रखते हुए भोपाल किसान सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि यदि यह समझौता किसानों के हितों के खिलाफ जाता है तो उसका विरोध किया जाएगा। कांग्रेस का मानना है कि किसानों को पहले ही कई आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और ऐसे में किसी भी नीति का सीधा असर उनकी आय पर पड़ सकता है।

छह राज्यों में आयोजित होंगे कार्यक्रम

पार्टी की योजना केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। कांग्रेस ने फैसला किया है कि किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर देश के छह राज्यों में ऐसे सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन राज्यों में मध्य प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र शामिल हैं। नेताओं का कहना है कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान कपास, सोयाबीन और मक्का की खेती करते हैं, इसलिए भोपाल किसान सम्मेलन से शुरू होने वाला यह अभियान राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले सकता है।

आंदोलन की रणनीति और संदेश

कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने दिल्ली में हुई बैठक के बाद बताया कि पहले पार्टी विधानसभा घेराव का कार्यक्रम बनाने पर विचार कर रही थी, लेकिन अब उसे किसान सम्मेलन के रूप में आयोजित किया जाएगा। पार्टी इस अभियान को उसी तरह आगे बढ़ाने की तैयारी में है जैसे पहले कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन चलाया गया था। नेताओं का मानना है कि भोपाल किसान सम्मेलन किसानों के मुद्दों को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई दिशा दे सकता है।

कुल मिलाकर 24 फरवरी का यह कार्यक्रम केवल एक सभा नहीं बल्कि किसानों से जुड़ी नीतियों पर राष्ट्रीय बहस की शुरुआत माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस सम्मेलन में क्या संदेश दिया जाता है और इसका राजनीतिक असर कितना व्यापक होता है।

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