5वें हफ्ते भी शेयर बाजार धराशायी, निवेशकों में डर का माहौल
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली ने बाजार पर दबाव बना दिया है।
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स करीब 1,690 अंक टूटकर 73,583 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी गिरकर 22,819 के आसपास पहुंच गया। पिछले एक महीने में बाजार में करीब 8 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है, जो निवेशकों के लिए बड़ा झटका है।
इन वजहों से टूटा बाजार
विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में गिरावट के पीछे कई बड़ी वजहें हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव निवेशकों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। वहीं कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से महंगाई का दबाव बढ़ गया है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने बाजार को और कमजोर कर दिया है।
कौन से सेक्टर रहे सबसे ज्यादा प्रभावित
इस दौरान मेटल और पीएसयू बैंक सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। वहीं आईटी और फार्मा सेक्टर में थोड़ी मजबूती नजर आई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी बनी रही, जिससे व्यापक बाजार पर दबाव देखने को मिला।
रुपया भी हुआ कमजोर
शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है और डॉलर के मुकाबले 94 के पार पहुंच गया है। इसका सीधा असर आयात और महंगाई पर पड़ सकता है।
आगे क्या रहेगा ट्रेंड
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। फिलहाल निफ्टी 22,750 से 23,100 के बीच फंसा रह सकता है। वहीं घरेलू निवेशकों की खरीदारी बाजार को कुछ हद तक सहारा दे सकती है।
कुल मिलाकर शेयर बाजार इस समय दबाव में है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय बाजार की दिशा साफ होने का इंतजार करना समझदारी भरा कदम हो सकता है।

Leave a Comment