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रेलवे एलपीजी संकट असर अभी टला, ट्रेन और स्टेशन कैटरिंग फिलहाल सामान्य रहेगी

By Dainik Jan Times

Published on: March 11, 2026

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रेलवे एलपीजी संकट असर अभी टला, ट्रेन और स्टेशन कैटरिंग फिलहाल सामान्य रहेगी

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देश में एलपीजी आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच रेलवे एलपीजी संकट को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार फिलहाल ट्रेन और स्टेशन पर मिलने वाली कैटरिंग सेवाओं पर इसका तत्काल असर नहीं पड़ेगा। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपूर्ति संकट लंबे समय तक जारी रहा तो अगले 15 से 20 दिनों में कुछ प्रभाव देखने को मिल सकता है।

रेलवे एलपीजी संकट: ट्रेन कैटरिंग सेवा फिलहाल सुरक्षित

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक रेलवे एलपीजी संकट के बावजूद अभी ट्रेन और रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाली भोजन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। रेलवे की सप्लाई चेन इस तरह से तैयार की गई है कि अचानक किसी संकट का असर तुरंत दिखाई नहीं देता।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल रेलवे के पास पर्याप्त व्यवस्था और वैकल्पिक संसाधन मौजूद हैं। हालांकि अगर गैस आपूर्ति की स्थिति लंबे समय तक प्रभावित रहती है तो ट्रेन कैटरिंग सेवाओं पर कुछ हद तक असर पड़ सकता है।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि रेलवे बोर्ड से मिलने वाले दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।

इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम से रेलवे को मिला सहारा

रेलवे एलपीजी संकट के बावजूद भारतीय रेलवे की दूरदर्शिता अब काम आ रही है। लगभग पांच साल पहले रेलवे ने ट्रेनों के पैंट्री कार और रेलवे परिसरों में एलपीजी गैस के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था।

इसके बाद रेलवे ने धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम विकसित करना शुरू किया। कई ट्रेनों और स्टेशनों पर अब इंडक्शन स्टोव, इलेक्ट्रिक फ्रायर और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।

इस वजह से रेलवे को मौजूदा गैस संकट से कुछ हद तक सुरक्षा मिली है। हालांकि ट्रेन में सप्लाई होने वाला भोजन अक्सर बेस किचन से आता है, जहां अभी भी गैस का उपयोग किया जाता है।

बेस किचन पर पड़ सकता है असर

रेलवे एलपीजी संकट का संभावित असर मुख्य रूप से उन बेस किचन और क्लाउड किचन पर पड़ सकता है जहां से ट्रेनों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। कई निजी कैटरिंग ठेकेदारों के अनुसार, अगर एलपीजी या पीएनजी गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है तो पके हुए भोजन की उपलब्धता कम हो सकती है।

ऐसे में स्नैक्स और हल्के खाद्य पदार्थ तो उपलब्ध रह सकते हैं, लेकिन पूरी तरह तैयार भोजन पर असर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

यात्रियों और विशेषज्ञों की अलग-अलग राय

रेलवे एलपीजी संकट को लेकर यात्रियों और विशेषज्ञों की भी अलग-अलग राय सामने आई है। कुछ यात्रियों का कहना है कि रेलवे को हर हाल में यात्रियों को मिलने वाली भोजन सेवा बनाए रखनी चाहिए।

वहीं कुछ लोगों का मानना है कि रेलवे को बेस किचन में भी वैकल्पिक ईंधन का उपयोग शुरू करना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी संकट का असर यात्रियों पर न पड़े।

रेलवे उपयोगकर्ता परामर्श समिति के पूर्व सदस्य शैलेश गोयल का कहना है कि इस तरह के संकट का बोझ यात्रियों पर नहीं डाला जाना चाहिए। रेलवे को अपने कैटरिंग ठेकेदारों को वैकल्पिक ईंधन अपनाने के निर्देश देने चाहिए।

ट्रेन संचालन पर नहीं पड़ेगा कोई असर

रेलवे एलपीजी संकट के बावजूद ट्रेन संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारतीय रेलवे का लगभग 99.4 प्रतिशत नेटवर्क अब विद्युतीकृत हो चुका है।

रेलवे का लक्ष्य पूरी तरह कार्बन मुक्त परिवहन व्यवस्था बनाना है। इसी दिशा में अधिकांश डीजल इंजनों को इलेक्ट्रिक इंजनों से बदल दिया गया है।

इस कारण एलपीजी या अन्य ईंधन संकट का असर फिलहाल केवल कैटरिंग सेवाओं तक सीमित रहने की संभावना है, जबकि ट्रेन संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा।

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