हैदराबाद में साउथ सेंट्रल रेलवे ने पार्सल परिवहन को डिजिटल और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रेल पार्सल लॉजिस्टिक्स ऐप के लॉन्च के साथ अब ग्राहक ट्रेन के जरिए पार्सल भेजने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकेंगे। इस नई पहल से पार्सल बुकिंग, रियल टाइम ट्रैकिंग और डोरस्टेप सेवा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
रेल पार्सल लॉजिस्टिक्स ऐप की खास सुविधाएं
रेल पार्सल लॉजिस्टिक्स ऐप को साउथ सेंट्रल रेलवे के महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने ‘रेल पार्सल लॉजिस्टिक्स’ विषय पर आयोजित सम्मेलन के दौरान लॉन्च किया। यह ऐप एक नेक्स्ट जेनरेशन डिजिटल मार्केटप्लेस के रूप में विकसित किया गया है, जो एंड-टू-एंड पार्सल बुकिंग सेवा प्रदान करता है।
इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहक घर से पार्सल पिकअप और डिलीवरी की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। रेल पार्सल लॉजिस्टिक्स ऐप में रियल टाइम ट्रैकिंग की सुविधा दी गई है, जिससे हर चरण पर पार्सल की स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी। साथ ही, ऐप में सुरक्षित डिजिटल भुगतान के कई विकल्प उपलब्ध हैं।
प्लेटफॉर्म पर लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं के शुल्क और रेटिंग भी दिखाई जाएंगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहक बेहतर निर्णय ले सकेंगे।
सात शहरों में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
रेल पार्सल लॉजिस्टिक्स ऐप का पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल सात प्रमुख शहरों में शुरू किया गया है। इनमें हैदराबाद, विजयवाड़ा, गुंटूर, राजमुंदरी, विशाखापट्टनम, बेंगलुरु और चेन्नई शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पायलट चरण की सफलता के बाद इस सेवा को अन्य शहरों में भी विस्तार दिया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य पार्सल परिवहन को तेज, सुरक्षित और अधिक पारदर्शी बनाना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए रेलवे माल ढुलाई क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
2030 रणनीति पर फोकस
इसी अवसर पर साउथ सेंट्रल रेलवे ने भारतीय प्रबंधन संस्थान बेंगलुरु के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत संस्थान माल ढुलाई बाजार का व्यापक अध्ययन करेगा। इसमें मांग का पूर्वानुमान, प्रतिस्पर्धात्मक विश्लेषण और बुनियादी ढांचे का आकलन शामिल होगा।
रेल पार्सल लॉजिस्टिक्स ऐप के साथ यह अध्ययन 2030 तक राष्ट्रीय माल ढुलाई लक्ष्यों को हासिल करने की दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने में मदद करेगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह पहल रेल आधारित फ्रेट मूवमेंट को बढ़ावा देगी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नई संभावनाएं खोलेगी।

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