पाकिस्तान अफगानिस्तान एयरस्ट्राइक की खबर ने क्षेत्रीय तनाव को फिर भड़का दिया है। रविवार तड़के पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में हवाई हमले किए। इस कार्रवाई में कम से कम 16 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। पाकिस्तानी सेना का दावा है कि उसने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इस्लामिक स्टेट से जुड़े सात ठिकानों को निशाना बनाया।
पाकिस्तान का दावा: इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन
पाकिस्तान सरकार ने कहा कि यह हालिया आत्मघाती हमलों के जवाब में किया गया इंटेलिजेंस-आधारित ऑपरेशन था। सूचना मंत्रालय के अनुसार, हमलों की साजिश अफगानिस्तान की जमीन से संचालित नेटवर्क ने रची थी। पाकिस्तान अफगानिस्तान एयरस्ट्राइक को उसने आत्मरक्षा की कार्रवाई बताया है।
अफगानिस्तान का आरोप: नागरिकों को निशाना बनाया
अफगान मीडिया के अनुसार, नांगरहार प्रांत में एक घर पर हमला हुआ, जिससे एक ही परिवार के कई लोग मलबे में दब गए। स्थानीय सूत्रों ने पक्तिका में एक धार्मिक स्कूल पर भी ड्रोन हमले की बात कही। अफगान रक्षा मंत्रालय ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए “सही समय पर जवाब” देने की चेतावनी दी है।
दोहा समझौते का जिक्र
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 2020 के दोहा समझौते के तहत तालिबान पर दबाव बनाने की अपील की है। इस समझौते में तालिबान ने वादा किया था कि वह अफगान जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को नहीं करने देगा। हालांकि पाकिस्तान का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से सक्रिय है, जबकि तालिबान इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
हालिया हमलों से बढ़ा तनाव
एयरस्ट्राइक से कुछ घंटे पहले खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती हमले में दो सैनिक मारे गए थे। इससे पहले बाजौर और इस्लामाबाद में भी बड़े धमाके हुए थे, जिनमें कई लोगों की जान गई। पाकिस्तान अफगानिस्तान एयरस्ट्राइक को इन्हीं घटनाओं का जवाब बताया जा रहा है।
2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से TTP ने पाकिस्तान में हमले तेज किए हैं। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज के अनुसार, हाल के वर्षों में आतंकी घटनाओं में वृद्धि हुई है।
पाकिस्तान अफगानिस्तान एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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