नागपुर न्यूज़ के तहत शहर के विकास को नई रफ्तार देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। नागपुर मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण के सफल संचालन के बाद अब महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने दूसरे चरण के साथ-साथ अपनी जमीनों के व्यावसायिक उपयोग पर जोर देना शुरू कर दिया है। महामेट्रो की भूमि पर होटल, अस्पताल, आवासीय और व्यावसायिक इमारतों का निर्माण किया जाएगा, जिससे न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
पीपीपी मॉडल से होंगे बड़े प्रोजेक्ट
महामेट्रो की ओर से सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी गई है। इन परियोजनाओं में करीब 1600 करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, अगले तीन से चार वर्षों में इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 3000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
अत्याधुनिक अस्पताल की होगी स्थापना
‘अडवांटेज विदर्भ’ औद्योगिक महोत्सव के दौरान महामेट्रो ने नागपुर में ‘लैंड मोनेटाइजेशन’ के तहत केयर ग्रुप को आशय पत्र जारी किया है। इसके तहत कस्तूरचंद पार्क मेट्रो स्टेशन से सटी जमीन पर 600 करोड़ रुपये की लागत से 350 से अधिक बेड वाला अत्याधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा। यह अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा।
होटल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी
सीताबर्डी स्थित यशवंत स्टेडियम के सामने महामेट्रो की जमीन पर हॉस्पिटैलिटी, आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट के लिए भी स्वीकृति दी गई है, जिसमें लगभग 800 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके अलावा वर्धा रोड पर एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन के पीछे महामेट्रो की भूमि पर 200 करोड़ रुपये की लागत से होटल परियोजना के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समूह के साथ समझौता किया गया है।
नागपुर को मिलेगा विकास का नया आयाम
इन तीनों परियोजनाओं के तहत करीब 12 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जाएगा। नागपुर न्यूज़ के अनुसार, भविष्य में भी महामेट्रो पीपीपी मॉडल के तहत ऐसे और बड़े प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में है, जिससे नागपुर को एक आधुनिक और आत्मनिर्भर शहर के रूप में नई पहचान मिलेगी।
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