India Canada News: भारत कनाडा संबंध एक बार फिर नई दिशा में आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। वर्ष 2023 में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पहली बार भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कनाडा की राजधानी ओटावा का दौरा किया। 7 फरवरी 2026 को हुई यह यात्रा दोनों देशों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग को दोबारा मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
ओटावा में हुई उच्चस्तरीय सुरक्षा वार्ता
ओटावा में अजीत डोभाल ने कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया सलाहकार नैथली ड्रुइन से मुलाकात की। यह बैठक द्विपक्षीय सुरक्षा संवाद का हिस्सा थी, जिसमें दोनों देशों ने अपने नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। यह दौरा मार्च में प्रस्तावित कनाडाई प्रधानमंत्री की भारत यात्रा से पहले हुआ, जिसे कूटनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर साझा कार्ययोजना
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन से जुड़े विषयों पर साझा कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति जताई। इस कार्ययोजना का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देना और प्राथमिकताओं के अनुसार संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। भारत कनाडा संबंध में यह सहमति लंबे समय से जमी बर्फ को पिघलाने वाला कदम मानी जा रही है।
ड्रग्स, संगठित अपराध और सूचना साझा करना
अजीत डोभाल और नैथली ड्रुइन ने यह भी तय किया कि दोनों देश सुरक्षा और कानून प्रवर्तन से जुड़े लायजन अधिकारी नियुक्त करेंगे। इससे ड्रग्स की अवैध तस्करी, खासकर फेंटेनाइल जैसे खतरनाक नशीले पदार्थों के नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलेगी। समय पर सूचना साझा करने से दोनों देशों की एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
साइबर सुरक्षा और इमिग्रेशन पर सहयोग
दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा नीति और उससे जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान को औपचारिक रूप देने पर भी सहमति जताई। इसके साथ ही धोखाधड़ी और इमिग्रेशन प्रवर्तन से जुड़े मामलों में सहयोग जारी रखने का फैसला किया गया, जो घरेलू कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप होगा।
रिश्तों में नई शुरुआत के संकेत
भारत कनाडा संबंध में यह बैठक तनाव के दौर के बाद विश्वास बहाली की दिशा में एक बड़ा संकेत मानी जा रही है। साझा सुरक्षा, तकनीक और कानून व्यवस्था पर बढ़ता सहयोग आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती दे सकता है।
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