यूरोप में यूज्ड EV बिक्री में अचानक तेजी देखने को मिल रही है। ईरान युद्ध के चलते पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आई बढ़ोतरी ने लोगों को पारंपरिक वाहनों से दूर कर दिया है। अब उपभोक्ता तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सेकंड हैंड EV बाजार में उछाल आया है।
यूरोप में यूज्ड EV बिक्री बढ़ने की बड़ी वजह
यूरोप में यूज्ड EV बिक्री का सबसे बड़ा कारण ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं। हाल ही में यूरोपीय संघ में पेट्रोल की कीमत लगभग 12 प्रतिशत बढ़कर 1.84 यूरो प्रति लीटर पहुंच गई है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक बाजार में कीमतों में तेजी आई है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बढ़ी मांग
यूरोप में यूज्ड EV बिक्री में तेजी का असर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी साफ दिख रहा है। फ्रांस, रोमानिया, पुर्तगाल और पोलैंड जैसे देशों में EV के लिए सर्च और खरीदारी में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कई प्लेटफॉर्म्स पर EV की मांग 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है, जो उपभोक्ताओं के बदलते रुझान को दर्शाता है।
पेट्रोल कारों की मांग घटी
यूरोप में यूज्ड EV बिक्री बढ़ने के साथ ही पेट्रोल और डीजल कारों की मांग में गिरावट आई है। कुछ कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी 34 प्रतिशत से घटकर 28 प्रतिशत रह गई है, जबकि डीजल कारें भी पीछे छूट रही हैं।
यह बदलाव बताता है कि लोग अब अधिक किफायती और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सस्ते और तुरंत उपलब्ध EV बने पसंद
यूरोप में यूज्ड EV बिक्री इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि ये नई कारों की तुलना में करीब 40 प्रतिशत तक सस्ती होती हैं और तुरंत उपलब्ध होती हैं।
नई इलेक्ट्रिक कारों की डिलीवरी में समय लगने के कारण लोग सेकंड हैंड EV खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
भविष्य में और बढ़ सकता है ट्रेंड
यूरोप में यूज्ड EV बिक्री का यह ट्रेंड आगे और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो नए वाहन खरीदने वाले भी EV और हाइब्रिड विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ेंगे।
यह बदलाव न केवल बाजार बल्कि ऑटो इंडस्ट्री के भविष्य को भी प्रभावित कर सकता है।

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