मुख्यमंत्री किसान सम्मान योजना को लेकर प्रदेश के किसानों में उम्मीद और उत्साह का माहौल है। आगामी राज्य बजट से पहले यह चर्चा तेज हो गई है कि सरकार इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि को दोगुना कर सकती है। फिलहाल किसानों को इस योजना के अंतर्गत सालाना 3,000 रुपये दिए जाते हैं, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि इसे बढ़ाकर 6,000 रुपये किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह फैसला किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
किसानों को मिलेगा सीधा आर्थिक लाभ
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहले ही कई मंचों से यह संकेत दे चुके हैं कि उनकी सरकार किसानों की आय बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री किसान सम्मान योजना की राशि बढ़ने से किसानों को सीधी आर्थिक मदद मिलेगी। अभी केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को 6,000 रुपये सालाना मिलते हैं। राज्य सरकार की बढ़ी हुई राशि जुड़ने के बाद कुल सहायता 12,000 रुपये प्रतिवर्ष तक पहुंच सकती है, जो वर्तमान में 9,000 रुपये है।
महंगाई के दौर में क्यों जरूरी है यह कदम
खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। खाद, बीज, डीजल और मजदूरी जैसे खर्चों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। ऐसे में मुख्यमंत्री किसान सम्मान योजना की राशि में बढ़ोतरी किसानों की क्रय शक्ति को मजबूत करेगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त सहायता से किसान बेहतर निवेश कर पाएंगे और फसल उत्पादन में सुधार होगा।
बजट में हो सकता है अंतिम फैसला
जानकारी के मुताबिक, वित्त विभाग इस प्रस्ताव पर गंभीरता से काम कर रहा है और बजट से पहले इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है। सरकार चाहती है कि बजट के जरिए किसानों को एक मजबूत संदेश दिया जाए। योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो पहले से पंजीकृत हैं और जिनका रिकॉर्ड पीएम किसान योजना से जुड़ा हुआ है।
किसानों में बढ़ा उत्साह
ग्रामीण इलाकों में इस संभावित घोषणा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। किसान संगठनों की लंबे समय से मांग रही है कि राज्य सरकार भी केंद्र के समान सहायता दे। अगर बजट में मुख्यमंत्री किसान सम्मान योजना की बढ़ी हुई राशि को मंजूरी मिलती है, तो यह किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम माना जाएगा।
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