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भारत पर ट्रंप प्रशासन की नई जांच शुरू, व्यापार नीति को लेकर बढ़ी चिंता

By Dainik Jan Times

Published on: March 12, 2026

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भारत पर ट्रंप प्रशासन की नई जांच शुरू, व्यापार नीति को लेकर बढ़ी चिंता

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अमेरिका ने वैश्विक व्यापार को लेकर एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत समेत 16 देशों की व्यापार और मैन्युफैक्चरिंग नीतियों की जांच शुरू कर दी है। भारत पर ट्रंप प्रशासन जांच की यह कार्रवाई अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा घोषित की गई है। इस फैसले के बाद भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि कई देश अपनी उत्पादन क्षमता का उपयोग इस तरह कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी उद्योगों और घरेलू उत्पादन पर दबाव पड़ रहा है। इसी कारण भारत पर ट्रंप प्रशासन जांच समेत कई अर्थव्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।

भारत पर ट्रंप प्रशासन जांच क्यों शुरू हुई

भारत पर ट्रंप प्रशासन जांच अमेरिकी ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत शुरू की गई है। इस कानून के तहत अमेरिका उन देशों की व्यापार नीतियों की जांच करता है, जिन्हें वह अपने उद्योगों के लिए नुकसानदायक मानता है।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के अनुसार कई देशों ने ऐसी उत्पादन क्षमता विकसित कर ली है जो वैश्विक और घरेलू मांग से कहीं अधिक है। इस कारण अतिरिक्त उत्पादन अमेरिका के बाजारों में पहुंच रहा है और वहां के उद्योगों को नुकसान हो रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका अब अपने औद्योगिक ढांचे की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने जा रहा है।

किन-किन देशों को जांच के दायरे में रखा गया

भारत पर ट्रंप प्रशासन जांच के साथ जिन देशों को जांच के दायरे में रखा गया है, उनमें अमेरिका के कई बड़े व्यापारिक साझेदार शामिल हैं। इनमें चीन, यूरोपीय संघ, मैक्सिको, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे प्रमुख देश शामिल हैं।

इसके अलावा स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, वियतनाम और बांग्लादेश को भी इस जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि इन देशों में कई सेक्टर ऐसे हैं जहां उत्पादन घरेलू मांग से ज्यादा है और इसका असर अमेरिकी उद्योगों पर पड़ रहा है।

अमेरिका का बयान: घरेलू उद्योगों को बचाने की कोशिश

भारत पर ट्रंप प्रशासन जांच को लेकर अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम घरेलू उद्योगों और रोजगार की रक्षा के लिए उठाया गया है। उनका कहना है कि अमेरिका अब अपनी औद्योगिक क्षमता को मजबूत करना चाहता है और जरूरी सप्लाई चेन को वापस देश में लाने पर ध्यान दे रहा है।

अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक कई विदेशी अर्थव्यवस्थाएं अधिक उत्पादन कर रही हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। इससे अमेरिका में नए निवेश और उत्पादन विस्तार पर भी असर पड़ रहा है।

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर

भारत पर ट्रंप प्रशासन जांच ऐसे समय में शुरू हुई है जब हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच एक द्विपक्षीय व्यापार समझौता घोषित किया गया था। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत पर लगाए गए कुछ आयात शुल्क में बड़ी कटौती की थी।

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर लगभग 18 प्रतिशत कर दिया था। यह फैसला उस समय लिया गया जब अमेरिका ने दावा किया कि भारत रूसी तेल की खरीद में कमी लाने पर सहमत हुआ है।

हालांकि इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। बाद में रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी लगाया गया था।

अब भारत पर ट्रंप प्रशासन जांच शुरू होने के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर इसका असर पड़ सकता है।

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