दिल्ली में आयोजित अपराजिता सम्मान समारोह 2026 ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के साहस, संघर्ष और उपलब्धियों को सम्मानित किया। किसान ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विशेष रूप से एसिड अटैक सर्वाइवर्स की प्रेरक कहानियों और उनके संघर्ष को मंच दिया गया। अपराजिता सम्मान समारोह में दिल्ली से लेकर मुजफ्फरनगर तक विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया और महिला सशक्तिकरण पर चर्चा की।
यह आयोजन महिलाओं के आत्मविश्वास और समाज में उनकी भूमिका को मजबूत करने का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
अपराजिता सम्मान समारोह: महिलाओं की शक्ति को मिला मंच
कार्यक्रम की आयोजक और किसान ट्रस्ट की ट्रस्टी चारू चौधरी ने कहा कि अपराजिता सम्मान समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उन महिलाओं के संघर्ष और उपलब्धियों को पहचान देने का प्रयास है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रयासरत हैं।
उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को सम्मान, अवसर और संसाधन मिलते हैं तो इससे केवल उनका ही नहीं बल्कि पूरे समाज और देश का विकास होता है।
किसान ट्रस्ट की सामाजिक पहल
किसान ट्रस्ट की स्थापना भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह ने की थी। यह संगठन लंबे समय से किसानों और ग्रामीण समुदायों के हित में काम करता रहा है।
साथ ही किसान ट्रस्ट ने एसिड अटैक सर्वाइवर्स के पुनर्वास और आर्थिक सहयोग के लिए भी कई पहल की हैं, जिससे वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी रहीं मुख्य अतिथि
अपराजिता सम्मान समारोह में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को प्रेरित करने और उनके संघर्ष को सम्मान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने सरकार की उन योजनाओं का भी उल्लेख किया जो महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही हैं।
रोजगार के जरिए सशक्तिकरण पर हुई चर्चा
अपराजिता सम्मान समारोह का एक प्रमुख आकर्षण “रोजगार के माध्यम से सशक्तिकरण” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा रही। इस चर्चा में नीति, वित्त, मीडिया और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया।
नीति आयोग की प्रमुख आर्थिक सलाहकार अन्ना रॉय ने महिलाओं के योगदान को पहचानने के महत्व पर जोर दिया। वहीं यूएन वुमेन इंडिया की प्रतिनिधि कांता सिंह ने एसिड अटैक सर्वाइवर्स के साहस की सराहना की।
प्रेरक कहानियों ने किया भावुक
कार्यक्रम में उद्यमी पूजा शर्मा, जिन्हें “मिलेट मॉम” के नाम से जाना जाता है, ने भी अपनी प्रेरक यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक छोटे से एनजीओ में मात्र 2500 रुपये की नौकरी से की थी।
इसके अलावा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित शास्त्रीय गायिका प्रोफेसर मंगला कपूर को भी सम्मानित किया गया। वह एसिड अटैक सर्वाइवर हैं और उन्होंने संगीत के माध्यम से जीवन में नई पहचान बनाई।
अपराजिता सम्मान समारोह ने यह संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद महिलाएं अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस से नई मिसाल कायम कर सकती हैं।

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