AI in Healthcare India को लेकर देश में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। हैदराबाद स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) में आयोजित तीन दिवसीय वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने बताया कि भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हेल्थकेयर सिस्टम की दिशा में बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार है। इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा और असम के 78 डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
AI in Healthcare India को मिल रहा सरकारी मिशनों का समर्थन
AI in Healthcare India के विकास में कई राष्ट्रीय डिजिटल हेल्थ पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन (NDHM), आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM), डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP) और स्मार्ट AI फॉर हेल्थ इनिशिएटिव (SAHI) जैसे कार्यक्रम इस दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ABDM भारत के हेल्थकेयर सिस्टम में AI को लागू करने की दिशा में पहला ठोस कदम है। हालांकि, अभी इसकी अनिवार्यता नहीं है और डेटा इंटीग्रेशन की प्रक्रिया भी विकसित हो रही है।
AI in Healthcare India: वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति
AI in Healthcare India भले ही अभी अमेरिका, यूरोप और चीन से लगभग 20 साल पीछे हो, लेकिन भारत की डिजिटल क्षमता इसे तेजी से आगे बढ़ने का मौका देती है। UPI जैसी सफलता ने यह साबित किया है कि भारत बड़े पैमाने पर डिजिटल सिस्टम लागू करने में सक्षम है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत अब ग्लोबल साउथ देशों के बीच AI आधारित हेल्थकेयर में एक उभरता हुआ लीडर बन रहा है।
AI in Healthcare India में राज्यों की भूमिका
AI in Healthcare India के तहत राज्यों में भी तेजी से प्रगति हो रही है। विशेषज्ञों ने बताया कि AI अपनाने की प्रक्रिया तीन चरणों में चल रही है, जिसमें दक्षिणी राज्य जैसे तेलंगाना तीसरे चरण में पहुंच चुके हैं। यहां एडवांस स्तर पर प्रयोग और नवाचार किए जा रहे हैं।
हालांकि, देश में अभी भी नियामक ढांचे, मूल्यांकन प्रणाली और मानकीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह विकसित नहीं हुई है, जिस पर काम जारी है।
AI in Healthcare India में चुनौतियां भी मौजूद
AI in Healthcare India के क्षेत्र में कई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान AI टूल्स कारण और प्रभाव के संबंध को पूरी तरह समझने में सक्षम नहीं हैं। ये मुख्य रूप से पैटर्न पहचान और स्क्रीनिंग के लिए अधिक प्रभावी हैं, न कि अंतिम निदान के लिए।
इसके अलावा, मरीजों के डेटा का उपयोग होने के कारण AI सिस्टम को हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा जाता है, जिससे डेटा सुरक्षा और गोपनीयता एक बड़ी चिंता बनी हुई है।
AI in Healthcare India का भविष्य क्या कहता है
AI in Healthcare India के भविष्य को लेकर विशेषज्ञ काफी आशावादी हैं। उनका मानना है कि सही नीतियों, बेहतर डेटा इंटीग्रेशन और मजबूत नियामक ढांचे के साथ भारत हेल्थकेयर सेक्टर में एक नई क्रांति ला सकता है।
आने वाले समय में AI तकनीक न केवल इलाज को बेहतर बनाएगी, बल्कि हेल्थ सिस्टम को अधिक सुलभ और प्रभावी भी बनाएगी।

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