महाराष्ट्र में लाडकी बहिन योजना 1500 रुपये इंतजार अब हजारों महिलाओं की चिंता बन गया है। विधानसभा चुनाव 2024 से पहले शुरू की गई इस योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की महिलाओं को हर महीने ₹1,500 देने का वादा किया गया था। शुरुआती किस्तें जारी भी हुईं, लेकिन बाद में अनिवार्य e-KYC प्रक्रिया लागू होने से कई पात्र महिलाओं के नाम सूची से बाहर हो गए। नतीजतन, लाडकी बहिन योजना 1500 रुपये इंतजार की स्थिति आज भी बनी हुई है।
राधिका की कहानी
मुंबई के संगम नगर में रहने वाली 49 वर्षीय राधिका कांबले के लिए यह योजना उम्मीद की किरण थी। पति की मृत्यु के बाद घर की जिम्मेदारी संभाल रहीं राधिका आज भी योजना का लाभ नहीं पा सकी हैं। उनका कहना है कि आवेदन प्रक्रिया जटिल थी और उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिला।
राधिका बताती हैं कि पति के निधन के कुछ ही महीनों बाद उनसे बिना मंगलसूत्र के फोटो खिंचवाने को कहा गया, जिससे वे भावनात्मक रूप से आहत हुईं।
e-KYC से घटे लाभार्थी
महा युति सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद e-KYC अनिवार्य कर दिया गया। इससे कई महिलाओं के दस्तावेज अधूरे पाए गए और उनका नाम लाभार्थी सूची से हट गया।
लाडकी बहिन योजना 1500 रुपये इंतजार अब सिर्फ आर्थिक सहायता का मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा और भरोसे का सवाल बन गया है।

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