केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने भोपाल दौरे के दौरान मध्यप्रदेश को नशीले पदार्थों से मुक्त बनाने का बड़ा ऐलान किया। अमित शाह भोपाल दौरा के दौरान उन्होंने शनिवार को कहा कि मध्यप्रदेश को नारकोटिक्स और नशीले पदार्थों से पूरी तरह मुक्त करना है, जिसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर एक साझा योजना तैयार करेंगी। शाह के इस बयान के तुरंत बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 दिसंबर 2029 से पहले मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने की स्पष्ट डेडलाइन तय कर दी। गौरतलब है कि एक साल पहले 26 दिसंबर 2025 को बालाघाट को नक्सल मुक्त घोषित किया गया था, और अब नशे के खिलाफ भी इसी तरह की सख्त समय सीमा तय की गई है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
भेल स्थित दशहरा मैदान में आयोजित गोपालकों के सम्मेलन में शाह ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कांग्रेस पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम सिर्फ रैलियां निकालना, विरोध करना और देश में नकारात्मकता फैलाना है। गौरतलब है कि यह बयान राहुल गांधी के मध्यप्रदेश दौरे के ठीक 48 घंटे बाद आया है। शाह करीब 20 घंटे तक मध्यप्रदेश में रहे। वे शुक्रवार मध्यरात्रि भोपाल पहुंचे और शनिवार रात करीब 8 बजे वहां से रवाना हुए।
दौरे में दीं चार बड़ी सौगातें
अपने इस दौरे के दौरान शाह ने राज्य को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात दी। उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से रोजाना तीन लाख लीटर क्षमता वाले डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट का भूमिपूजन किया गया। भोपाल में 17 करोड़ रुपये के फर्मेंटेड डेयरी प्रोडक्ट प्लांट और 12 करोड़ रुपये की राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ। शिवपुरी में 6.5 करोड़ रुपये के मिनी डेयरी प्लांट का भी लोकार्पण किया गया। इसके अलावा भोपाल-इंदौर दुग्ध संघ के पशुपालकों को बोनस और विकास कार्यों के लिए 12 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। सम्मेलन शुरू होने से पहले शाह ने मुख्यमंत्री और राज्य के गृह विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक भी की।
मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
शाह ने बताया कि देश में दूध उत्पादन 2014-15 के 14.7 करोड़ टन से बढ़कर अब करीब 25 करोड़ टन तक पहुंच चुका है। उन्होंने इसके साथ ही अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन को भी मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धियों में गिनाया।
नए कानूनों पर बोले शाह, तीन साल में निपटेंगे मामले
शाह ने कहा कि करीब डेढ़ साल के भीतर नए आपराधिक कानून पूरी तरह से लागू हो जाएंगे। इसके बाद एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक किसी भी मामले का निपटारा तीन साल के भीतर हो सकेगा। उन्होंने कहा कि देरी के लिए जानी जाने वाली देश की आपराधिक न्याय प्रणाली अब दुनिया की सबसे आधुनिक व्यवस्थाओं में शुमार होगी। शाह ने कहा कि अंग्रेजों के बनाए कानून शासन की रक्षा के लिए थे, जबकि नए कानून नागरिकों के सम्मान की रक्षा के लिए बनाए गए हैं, और इनका मूल सिद्धांत दंड नहीं बल्कि न्याय है। सम्मेलन में नए कानूनों को लेकर एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, जिसमें भोपाल के गोविंदपुरा थाने का मॉडल प्रदर्शित किया गया, जिसे शाह ने गौर से देखा।
मध्यप्रदेश में क्यों बढ़ी नशामुक्ति की जरूरत
लोकसभा में 3 फरवरी 2026 को दिए गए केंद्र सरकार के जवाब के अनुसार, 2024 में मध्यप्रदेश में 1.30 लाख किलो अफीम, 15,544 किलो गांजा आधारित नशीले पदार्थ और 1,082 किलो सिंथेटिक ड्रग जब्त की गई थी। पिछले आठ महीनों में राज्य में तीन बड़ी ड्रग फैक्ट्रियों और लैब का भी पर्दाफाश हुआ है। अगस्त 2025 में भोपाल के जगदीशपुर में एक मेफेड्रोन फैक्ट्री से 61.2 किलो तरल मेफेड्रोन बरामद हुआ था, जिसकी कीमत करीब 92 करोड़ रुपये आंकी गई। जनवरी 2026 में एक अन्य लैब से 31.250 किलो मेफेड्रोन और 600 किलो केमिकल जब्त किए गए, जबकि फरवरी में एक दूसरी लैब से 43 किलो एमडी ड्रग्स और 260 किलो केमिकल बरामद हुआ।
दूध उत्पादन बढ़ाने का विस्तृत रोडमैप
शाह ने मध्यप्रदेश में श्वेत क्रांति को आगे बढ़ाने के लिए एक विस्तृत योजना भी पेश की। उन्होंने मुख्यमंत्री यादव के सामने दूध संग्रह को मौजूदा 12 लाख लीटर से बढ़ाकर 50 लाख लीटर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा, यानी करीब चार गुना वृद्धि का लक्ष्य। उन्होंने कहा कि यह चुनौती बड़ी जरूर है, लेकिन केंद्र सरकार इसमें राज्य का पूरा साथ देगी।
शाह ने बताया कि देशभर में 75 हजार नई दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जाएंगी, और इनमें सबसे ज्यादा समितियां मध्यप्रदेश में स्थापित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक सहकारिता से जुड़ सकें। इसके अलावा शाह ने नस्ल सुधार केंद्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार से 50 एकड़ जमीन की मांग की, जहां गाय-भैंस की नस्ल सुधारने और बछिया पैदा होने की संभावना बढ़ाने वाली तकनीक पर काम किया जाएगा।
शाह ने यह भी बताया कि खुले बाजार में पशुपालकों को दूध के बदले सिर्फ 35 रुपये प्रति लीटर मिलते थे, जबकि सहकारिता के जरिए अब उन्हें 55 रुपये प्रति लीटर तक मिल रहे हैं। उन्होंने यह घोषणा भी की कि गोवर्धन पूजा के अवसर पर वृंदावन ग्रामों के सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाले किसान को एक लाख रुपये की राशि दी जाएगी।

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