तेलंगाना ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर अभी सुधार की जरूरत दिखाई देती है। NITI Aayog की India Electric Mobility Index (IEMI) 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में प्रति एक लाख पंजीकृत वाहनों पर 12.6 सार्वजनिक ईवी चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध थे। इस आंकड़े के आधार पर तेलंगाना राज्यों में 12वें स्थान पर रहा। हालांकि, राज्य की कुल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी रैंकिंग में सुधार दर्ज किया गया है।
IEMI 2025 में तेलंगाना की रैंकिंग सुधरी
IEMI 2025 में तेलंगाना ने कुल 51 अंक हासिल किए। यह 2024 के 46 अंकों की तुलना में पांच अंक अधिक है। राष्ट्रीय स्तर पर राज्य 10वें स्थान पर रहा, जबकि 2024 में उसकी रैंकिंग 12वीं थी।
17 बड़े राज्यों की श्रेणी में तेलंगाना सातवें स्थान पर रहा और उसे ‘Frontrunner’ श्रेणी में रखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा।
तेलंगाना ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तेलंगाना के लिए अभी एक प्रमुख चुनौती बना हुआ है। IEMI 2025 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में प्रति एक लाख वाहनों पर 12.6 सार्वजनिक चार्जिंग पॉइंट थे।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर रेडीनेस के मामले में तेलंगाना 17 बड़े राज्यों में 12वें स्थान पर रहा। रिपोर्ट में चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया गया है।
तेलंगाना में बिजली उत्पादन क्षमता का लगभग 26.1 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से जुड़ा था। इससे राज्य के ई-मोबिलिटी इकोसिस्टम में स्वच्छ ऊर्जा की भूमिका भी सामने आती है।
परिवहन इलेक्ट्रिफिकेशन में तेलंगाना का प्रदर्शन
Transport Electrification Progress में तेलंगाना ने 49 अंक हासिल किए। बड़े राज्यों में महाराष्ट्र 68 अंकों के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद मध्य प्रदेश ने 62 और कर्नाटक ने 55 अंक हासिल किए।
तेलंगाना का प्रदर्शन इस क्षेत्र में अपेक्षाकृत कमजोर रहा। इसका मतलब है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ परिवहन क्षेत्र में इलेक्ट्रिफिकेशन को और मजबूत करने की जरूरत बनी हुई है।
EV रिसर्च और इनोवेशन में बेहतर स्थिति
रिपोर्ट के मुताबिक, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में तेलंगाना का प्रदर्शन बेहतर रहा। राज्य ने इस थीम में 71 अंक हासिल किए और बड़े राज्यों में पांचवें स्थान पर रहा।
तेलंगाना में प्रति ₹1 लाख करोड़ GSDP पर 19 EV स्टार्टअप दर्ज किए गए। राज्य में दो EV रिसर्च एवं डेवलपमेंट पहल भी दर्ज की गईं। हालांकि, EV से जुड़े पेटेंट की संख्या अपेक्षाकृत कम रही और पेटेंट घनत्व 0.1 प्रति ₹1 लाख करोड़ GSDP दर्ज किया गया।
इससे पता चलता है कि राज्य में EV से जुड़े स्टार्टअप और रिसर्च गतिविधियों का आधार मौजूद है, लेकिन पेटेंट और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में आगे विस्तार की गुंजाइश बनी हुई है।
निजी और कमर्शियल EV अपनाने में अंतर
IEMI 2025 के आंकड़ों में तेलंगाना में निजी और कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों के अपनाने के बीच अंतर भी सामने आया। राज्य में निजी वाहनों के पंजीकरण में EV की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत रही, जबकि कमर्शियल वाहनों में यह हिस्सेदारी 5 प्रतिशत थी।
यह अंतर बताता है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का विस्तार अलग-अलग वाहन श्रेणियों में समान गति से नहीं हुआ है। कमर्शियल वाहनों के इलेक्ट्रिफिकेशन को बढ़ाने के लिए चार्जिंग नेटवर्क और अन्य सहायक सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण हो सकता है।
चार्जिंग नेटवर्क बढ़ाने पर जोर
IEMI 2025 की रिपोर्ट में राज्यों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से जुड़े कई उपायों पर जोर दिया गया है। इनमें सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए रियायती भूमि, चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार और भवन नियमों में EV चार्जिंग से जुड़ी आवश्यकताओं को शामिल करना जैसे उपाय शामिल हैं।
तेलंगाना के मामले में भी चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार इलेक्ट्रिक वाहनों की आगे की स्वीकार्यता के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, किसी नीति के वास्तविक प्रभाव का आकलन उसके लागू होने और जमीन पर उसके परिणामों के आधार पर किया जाना चाहिए।
मध्य प्रदेश ने भी दर्ज की बड़ी छलांग
IEMI 2025 में मध्य प्रदेश ने भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया। राज्य की राष्ट्रीय रैंकिंग 2024 के 23वें स्थान से बढ़कर 2025 में सातवें स्थान पर पहुंची। इसी अवधि में उसका IEMI स्कोर 31 से बढ़कर 59 हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, बड़े राज्यों में महाराष्ट्र और कर्नाटक ‘Top Performers’ श्रेणी में रहे, जबकि तेलंगाना समेत कई राज्यों को ‘Frontrunner’ श्रेणी में रखा गया।
तेलंगाना के लिए आगे की चुनौती
IEMI 2025 के आंकड़े बताते हैं कि तेलंगाना ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में कुल मिलाकर प्रगति की है। राज्य की राष्ट्रीय रैंकिंग और कुल स्कोर दोनों में सुधार हुआ है। EV रिसर्च और इनोवेशन में भी इसकी स्थिति मजबूत दिखाई देती है।
इसके बावजूद चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन इलेक्ट्रिफिकेशन में सुधार की आवश्यकता बनी हुई है। आने वाले समय में सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार, EV अपनाने को बढ़ावा देने वाली पहल और तकनीकी नवाचार राज्य के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारक हो सकते हैं।

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