मोदी ने पुतिन के सामने शांति का मुद्दा उठाया
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान कहा कि अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। भारत ने यूक्रेन संघर्ष को लेकर लगातार यही रुख अपनाया है कि युद्ध के बजाय संवाद के माध्यम से स्थायी समाधान तलाशना जरूरी है। मोदी ने यह भी संकेत दिया कि भारत शांति प्रयासों में योगदान देने के लिए तैयार है।
ब्लैक सी में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता
बैठक में समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण ब्लैक सी क्षेत्र में समुद्री गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। भारत ने वहां काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। रिपोर्ट के अनुसार, इस संघर्ष के दौरान कई भारतीय नाविकों की जान भी जा चुकी है।
वैश्विक व्यापार के लिए सुरक्षित समुद्री मार्ग जरूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS बिजनेस फोरम के दौरान भी इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक व्यापार की निरंतरता के लिए समुद्री रास्तों का सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। संघर्षों के कारण समुद्री मार्ग प्रभावित होने से सामान की आवाजाही और वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है।
भारत और रूस के व्यापारिक रिश्तों पर भी हुई चर्चा
मोदी और पुतिन की बातचीत केवल वैश्विक संघर्षों तक सीमित नहीं रही। दोनों नेताओं ने भारत-रूस व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने पर भी चर्चा की। दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर भी बातचीत हुई।
BRICS के मंच पर भी भारत की प्राथमिकताएं साफ
2026 में BRICS की अध्यक्षता भारत के पास है। नई दिल्ली में हो रहे शिखर सम्मेलन में व्यापार, सप्लाई चेन, आर्थिक सहयोग और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। भारत BRICS को ऐसा मंच बनाने पर जोर दे रहा है जहां सदस्य देश आर्थिक और वैश्विक चुनौतियों पर व्यावहारिक सहयोग बढ़ा सकें।
मोदी-पुतिन मुलाकात क्यों है महत्वपूर्ण?
रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच भारत का रूस और अन्य प्रमुख देशों के साथ संतुलित कूटनीतिक संपर्क जारी है। ऐसे समय में मोदी और पुतिन की बातचीत यह दिखाती है कि भारत शांति, संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देते हुए अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों पर भी लगातार काम कर रहा है।
निष्कर्ष
मोदी-पुतिन वार्ता में यूक्रेन संघर्ष, शांति प्रयास, समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठे। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि संघर्षों का समाधान संवाद और कूटनीति से होना चाहिए। साथ ही, भारत-रूस के व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर भी दोनों नेताओं ने चर्चा की।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों और आधिकारिक बयानों में सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम तेजी से बदल सकते हैं और नई जानकारी आने पर विवरण अपडेट हो सकते हैं।

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