मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू के नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इंदौर और उज्जैन में पिछले कुछ दिनों में कई मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। शनिवार को तीन नए मामलों की जानकारी सामने आई, जिनमें इंदौर की 62 वर्षीय महिला, खाचरौद के 66 वर्षीय बुजुर्ग और उज्जैन के 43 वर्षीय व्यक्ति शामिल हैं। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू के नए मामले
इंदौर में एक निजी अस्पताल में भर्ती 62 वर्षीय महिला की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। महिला को सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत थी। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और अस्पताल में उसका उपचार जारी है।
उज्जैन में भी संक्रमण के मामले सामने आए हैं। शहर के ऋषि नगर एक्सटेंशन निवासी एक महिला की 19 अगस्त को संक्रमण के बाद मृत्यु हो गई थी। उसका इलाज इंदौर में चल रहा था। इसके बाद शनिवार को उज्जैन क्षेत्र में दो अन्य मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई।
खाचरौद के बुजुर्ग को आइसोलेशन वार्ड में रखा
खाचरौद निवासी 66 वर्षीय व्यक्ति को सर्दी, खांसी, बुखार और शरीर में दर्द की शिकायत के बाद उज्जैन के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। संक्रमण की आशंका को देखते हुए उनका सैंपल जांच के लिए इंदौर भेजा गया।
रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद मरीज को चरक अस्पताल की चौथी मंजिल पर बनाए गए 10 बेड वाले आइसोलेशन वार्ड में स्थानांतरित किया गया। यहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
वहीं, उज्जैन के महालक्ष्मी नगर निवासी 43 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। नए मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अस्पतालों की होगी बैठक
इंदौर में बढ़ते मामलों को देखते हुए शहर के अस्पतालों के अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के बीच जल्द बैठक आयोजित किए जाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य संक्रमण से निपटने के लिए अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा करना है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से बदलते मौसम में सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है। खासकर बुजुर्गों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण क्या हैं?
स्वाइन फ्लू में तेज बुखार या ठंड लगने के साथ लगातार खांसी और गले में खराश हो सकती है। इसके अलावा शरीर और मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द तथा अत्यधिक थकान जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
कुछ लोगों में नाक बहने या नाक बंद होने की समस्या भी देखी जा सकती है। यदि बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी बढ़ रही हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है।
बुजुर्गों और मरीजों को अधिक सावधानी की जरूरत
60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में वायरल संक्रमण के गंभीर होने का जोखिम अधिक हो सकता है। इसके अलावा डायबिटीज, किडनी संबंधी समस्या या ऐसी दवाएं लेने वाले मरीजों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है, जो प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करती हैं।
बदलते मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, आराम करना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लेना महत्वपूर्ण है। सर्दी-खांसी या बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
वायरल संक्रमण के दौर में साफ-सफाई का ध्यान रखना और बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना उपयोगी हो सकता है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर विशेष सावधानी बरतना भी जरूरी है।
स्वास्थ्य संबंधी लक्षण लगातार बने रहने या उनकी गंभीरता बढ़ने पर डॉक्टर से जांच और उचित उपचार के बारे में सलाह लेनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग भी स्थिति पर निगरानी रख रहा है।

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