मध्य प्रदेश में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता को लेकर यूसीसी की अफवाह अब भोपाल में कई मुस्लिम परिवारों की चिंता बढ़ा रही है। कजिन मैरिज पर रोक लगने की चर्चाओं के बीच निकाह के लिए काजियों से संपर्क करने वाले परिवारों की संख्या बढ़ने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि कुछ परिवार निर्धारित समय से पहले ही निकाह कराने की कोशिश कर रहे हैं। काजियों के पास पहले जहां करीब 30 से 40 आवेदन आते थे, वहीं अब यह संख्या 300 से 400 तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है।
यूसीसी की अफवाह से बढ़ी परिवारों की चिंता
मामले को लेकर सैयद अली कादर हुसैनी ने कहा कि सोशल मीडिया पर कजिन मैरिज पर प्रतिबंध लगाए जाने की बातें प्रसारित हो रही हैं। इससे समुदाय के लोगों में भ्रम पैदा हुआ है।
उन्होंने कहा कि लोगों को किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। समुदाय के लोगों से बातचीत कर उन्हें प्रस्तावित कानून से जुड़ी जानकारी समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
भोपाल के नायब काजी सैयद मुफ्ती अली कादर हुसैनी ने भी लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी जानकारी पर निर्णय लेने से पहले उसके आधिकारिक स्रोत की जांच जरूरी है।
कजिन मैरिज को लेकर क्या कहा गया?
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनव्वर पटेल ने भी यूसीसी के मसौदे को लेकर बने भ्रम पर स्थिति स्पष्ट की। उनके अनुसार, ड्राफ्ट की धारा 4-4 में नजदीकी रिश्तेदारों के बीच विवाह का उल्लेख है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि जिन समुदायों में इस तरह का विवाह लंबे समय से परंपरा का हिस्सा है, वहां यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। उन्होंने लोगों से अपुष्ट दावों के आधार पर जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेने की अपील की।
सोशल मीडिया पर वायरल दावों से असमंजस
यूसीसी को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे सामने आने के बाद समुदाय के कुछ युवाओं में भी असमंजस की स्थिति बनी है। कई चर्चाओं में कजिन मैरिज को लेकर संभावित रोक की बात कही जा रही है।
हालांकि, काजियों और वक्फ बोर्ड की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण के बाद लोगों को वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिल रही है। अधिकारियों और समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना है कि कानून के अंतिम प्रावधानों को लेकर आधिकारिक जानकारी को ही आधार बनाया जाना चाहिए।
अफवाहों के बजाय आधिकारिक जानकारी पर जोर
मामले में सबसे अहम बात यह है कि प्रस्तावित यूसीसी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और आधिकारिक प्रावधानों के बीच अंतर किया जाए। काजियों और वक्फ बोर्ड ने भी लोगों से किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्य जांचने की अपील की है।
भोपाल में निकाह आवेदनों में बढ़ोतरी को इसी भ्रम का असर बताया जा रहा है। ऐसे में समुदाय के लोगों के बीच सही जानकारी पहुंचाना और अफवाहों को रोकना फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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