मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित उज्जैन नागचंद्रेश्वर मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के संयोग के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ का दबाव बढ़ने के बाद कम से कम 13 श्रद्धालुओं के बेहोश होने की जानकारी सामने आई है।
मंदिर अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालु हरसिद्धि मंदिर के सामने बनाए गए बैरिकेड वाले क्षेत्र में इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान वहां भीड़ बढ़ती चली गई।
अधिकारियों ने बताया कि बैरिकेड के अंदर ट्रांसफॉर्मर के पास बिजली का करंट फैलने की अफवाह के बाद श्रद्धालुओं में अचानक घबराहट फैल गई। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई।
उज्जैन नागचंद्रेश्वर मंदिर में बढ़ा भीड़ का दबाव
नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में केवल एक बार नाग पंचमी के अवसर पर दर्शन के लिए खोला जाता है। इस बार नाग पंचमी सावन के तीसरे सोमवार के साथ पड़ने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
हरसिद्धि चौराहे के पास श्रद्धालुओं को बैरिकेड वाले क्षेत्र में रोका गया था। भीड़ लगातार बढ़ने से वहां दबाव बढ़ गया।
स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया। बेहोश हुए 13 श्रद्धालुओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, सभी को निगरानी में रखा गया है।
बैरिकेड खुलते ही बिगड़ी स्थिति
घटना के दौरान मौजूद श्रद्धालु सागर ने बताया कि वह महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए कई घंटे कतार में खड़ा रहा था। उसके अनुसार, सात से आठ घंटे बाद वह हरसिद्धि चौराहे तक पहुंचा।
सागर ने बताया कि वहां श्रद्धालुओं को करीब दो घंटे तक रोका गया। आरती का समय होने के कारण भीड़ को आगे बढ़ने से रोक दिया गया था।
उनके मुताबिक, अचानक बैरिकेड खोल दिए गए। इसके बाद भीड़ तेजी से आगे बढ़ी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
सागर ने बताया कि इस दौरान टेंट गिर गया और बैरिकेड भी नीचे आ गए। उसके दोनों पैर बैरिकेड के नीचे फंस गए, जिससे उसके एक पैर में फ्रैक्चर हो गया।
घायल श्रद्धालु ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
सागर के अनुसार, घटना के बाद मौके पर तत्काल मदद नहीं मिली। उन्होंने बताया कि केवल एक व्यक्ति ने उनकी सहायता की और उन्हें स्वास्थ्य शिविर तक पहुंचाया।
इसके बाद उन्हें एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया। घायल श्रद्धालु ने मंदिर में की गई व्यवस्थाओं को लेकर भी नाराजगी जाहिर की।
घायल युवक की मां ने बताई पूरी घटना
अस्पताल में भर्ती एक युवक की मां मीनू ने भी हरसिद्धि चौराहे पर हुई घटना के बारे में बताया। उनके अनुसार, उनका बेटा नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा था।
मीनू ने बताया कि बैरिकेड गिरने के बाद उनका बेटा उसके नीचे फंस गया। उस समय वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद उनके बेटे की मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। बाद में एक व्यक्ति ने उसे उठाकर वहां से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
फिलहाल घायल श्रद्धालुओं का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। प्रशासन और पुलिस ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित कर लिया है।

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