मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है। बैठक में भोपाल-विदिशा मार्ग को फोरलेन बनाने, पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रमोशन, औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की न्यायिक जांच से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने पर्यटन और कृषि से जुड़े कई मुद्दों पर भी फैसले लिए हैं।
भोपाल-विदिशा मार्ग होगा फोरलेन
कैबिनेट बैठक में भोपाल-विदिशा मार्ग को चार लेन में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस परियोजना से दोनों शहरों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने और यात्रा को आसान बनाने की उम्मीद है। फोरलेन बनने से यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ क्षेत्र के विकास को भी गति मिल सकती है।
27,534 पुलिसकर्मियों के प्रमोशन का फैसला
गृह विभाग के तहत 58 कैडर में 27,534 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रमोशन देने की जानकारी दी गई। इन पदों के खाली होने के बाद नई भर्ती का रास्ता भी खुलने की संभावना है। इससे पुलिस विभाग में लंबे समय से खाली पदों को भरने में मदद मिल सकती है।
औद्योगिक सुरक्षा के लिए बनेंगे तीन नए बल
औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन नए सुरक्षा बल बनाने का फैसला लिया गया है। इसकी शुरुआत खंडवा से होगी, जहां प्रदेश का पहला औद्योगिक सुरक्षा बल गठित किया जाएगा। इसके जरिए औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा को ज्यादा मजबूत करने की योजना है।
देवास विस्फोट की न्यायिक जांच को मंजूरी
कैबिनेट ने देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में सरकार की ओर से कराई जा रही न्यायिक जांच के अनुसमर्थन को भी मंजूरी दी। इस हादसे से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच के जरिए घटना के कारणों को सामने लाने की कोशिश की जाएगी।
किसानों और ग्रामीण रोजगार पर भी जोर
कैबिनेट बैठक में ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए होमस्टे परियोजना पर भी चर्चा हुई। पर्यटन बोर्ड की योजना के तहत एक हजार लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण देने की बात कही गई। इसके अलावा किसानों को बिजली उपलब्ध कराने और दुग्ध उत्पादन व श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने पर भी सरकार ने जोर दिया।
रानी अवंति बाई पुरस्कार की राशि बढ़ी
सरकार ने रानी अवंति बाई पुरस्कार के तहत चार लाख रुपये देने को मंजूरी दी है। वहीं सोयाबीन इंस्टीट्यूट इच्छावर को 28 हेक्टेयर जमीन देने और वन प्रबंधन समितियों को लाभांश देने से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई है।

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