कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की। इस दौरान स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू के साथ पीएम मोदी की बातचीत का एक भावुक पल सामने आया। लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली मीराबाई पोडियम पर भावुक होकर रो पड़ी थीं। उनके आंसुओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने ऐसा कहा कि वहां मौजूद लोगों के बीच यह पल चर्चा का विषय बन गया।
मीराबाई के आंसुओं पर पीएम मोदी ने कही दिल छू लेने वाली बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीराबाई चानू से उनके भावुक होने का कारण पूछा। इस दौरान उन्होंने कहा कि पोडियम पर गिर रहे उनके आंसू ऐसे लग रहे थे, जैसे हर बूंद से गोल्ड मेडल टपक रहा हो। पीएम की यह बात सुनकर मीराबाई ने अपने भावुक होने की वजह बताई और अपने पिछले चार साल के संघर्ष को याद किया।
गोल्ड जीतने के बाद क्यों रोई थीं मीराबाई?
मीराबाई चानू ने बताया कि वह गोल्ड मेडल जीतने के बाद बेहद खुश और भावुक थीं। उन्होंने कहा कि पेरिस ओलंपिक में उनका मेडल केवल एक किलोग्राम के अंतर से रह गया था। उस निराशा के बाद उन्होंने अगले चार वर्षों में लगातार मेहनत की और कई चुनौतियों का सामना किया।
चार साल तक चोट और पारिवारिक परेशानियों से जूझीं
मीराबाई ने प्रधानमंत्री को बताया कि एक खिलाड़ी के जीवन में सिर्फ मैदान की चुनौतियां ही नहीं होतीं। पिछले चार वर्षों के दौरान उन्हें लगातार चोटों से जूझना पड़ा और परिवार में भी कई समस्याएं सामने आईं। इन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा और अभ्यास जारी रखा।
राष्ट्रगान के समय नहीं रोक पाईं आंसू
मीराबाई ने बताया कि जब वह पोडियम पर खड़ी थीं और भारत का राष्ट्रगान बजा, तब वह अपनी भावनाओं को नियंत्रित नहीं कर सकीं। देश का तिरंगा ऊपर उठता देख उनकी आंखों से आंसू निकल आए। उनके लिए यह पल केवल एक पदक जीतने का नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और संघर्ष के सफल होने का था।
लगातार तीसरी बार जीता कॉमनवेल्थ गोल्ड
मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार गोल्ड मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने 48 किलोग्राम वर्ग में कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई।
भारत के खाते में आए 39 पदक
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत ने प्रतियोगिता में कुल 39 पदक जीते, जिनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने देशभर में खेल प्रेमियों के बीच उत्साह बढ़ाया।
मीराबाई की कहानी बनी प्रेरणा
मीराबाई चानू की इस उपलब्धि के पीछे सिर्फ उनकी खेल प्रतिभा नहीं, बल्कि लंबे समय तक किया गया संघर्ष भी दिखाई देता है। चोटों, पारिवारिक परेशानियों और पिछले बड़े टूर्नामेंट की निराशा के बावजूद उन्होंने वापसी की और कॉमनवेल्थ के मंच पर देश के लिए गोल्ड जीता। पीएम मोदी के साथ हुई बातचीत में सामने आया उनका भावुक पक्ष इस उपलब्धि को और खास बना गया।

Leave a Comment