तमिलनाडु EV मैकेनिक प्रशिक्षण योजना के तहत राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में 22,500 लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सर्विसिंग का विशेष प्रशिक्षण देने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों की मरम्मत करने वाले मैकेनिकों को बदलती ऑटोमोबाइल तकनीक के अनुरूप तैयार करना है। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह प्रशिक्षण भविष्य में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगा।
तमिलनाडु EV मैकेनिक प्रशिक्षण योजना का उद्देश्य
राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के संशोधित बजट में इस योजना के लिए तीन करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना के तहत 12,500 सड़क किनारे काम करने वाले दोपहिया और चारपहिया मैकेनिकों सहित कुल 22,500 लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक मैकेनिकों को इलेक्ट्रिक वाहनों की सर्विसिंग, मरम्मत और रखरखाव के लिए आवश्यक तकनीकी कौशल प्रदान करना है।
मिलेगा आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण
अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में बैटरी पैक, इलेक्ट्रिक मोटर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, हाई-वोल्टेज सिस्टम, फॉल्ट डायग्नोसिस और आधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी जाएगी। साथ ही बैटरी रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर विशेष जोर रहेगा, ताकि प्रशिक्षित तकनीशियन सुरक्षित और प्रभावी ढंग से इलेक्ट्रिक वाहनों की मरम्मत कर सकें।
बदलते ऑटो उद्योग के लिए बड़ी तैयारी
श्रम एवं कौशल विकास विभाग का कहना है कि यह योजना पारंपरिक ऑटोमोबाइल मैकेनिकों को रोजगार में बने रहने में मदद करेगी। जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक दोपहिया और चारपहिया वाहनों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तकनीकी कौशल की आवश्यकता भी तेजी से बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार एक पेशेवर प्रशिक्षण संस्था का चयन कर रही है, जो पूरे कार्यक्रम का संचालन करेगी।
रोजगार और पर्यावरण दोनों को मिलेगा लाभ
सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य में कुशल EV तकनीशियनों की संख्या बढ़ेगी और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध होगा। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पेट्रोलियम ईंधन पर निर्भरता घटाने और वायु प्रदूषण कम करने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।

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