सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को गति देने के लिए उज्जैन में लंबे समय से अटकी सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं पर अब तेजी आने वाली है। नगर निगम परिषद ने मुआवजा प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद भूमि अधिग्रहण, अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है। प्रशासन का लक्ष्य सिंहस्थ से पहले शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बेहतर बनाना है।
8 प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण को मिली मंजूरी
नगर निगम की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद शहर के आठ प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण का काम आगे बढ़ेगा। इन परियोजनाओं से महाकाल मंदिर क्षेत्र, पुराने शहर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और नए आवासीय इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
मुआवजा मिलने से दूर हुई सबसे बड़ी बाधा
इन परियोजनाओं में सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित मकानों और दुकानों के मुआवजे की थी। अब संबंधित हितग्राहियों को क्षतिपूर्ति देने की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके बाद प्रशासन भूमि हस्तांतरण, अतिक्रमण हटाने और निर्माण एजेंसियों को कार्यस्थल सौंपने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा फायदा
सिंहस्थ और बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान महाकाल मंदिर क्षेत्र में भारी भीड़ रहती है। सड़क चौड़ीकरण पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुगम होगी और शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक जाम की समस्या में भी कमी आने की उम्मीद है।
किन क्षेत्रों में होगा विकास?
गदापुलिया से लालपुल, महाकाल पार्किंग मार्ग, गाड़ी अड्डा से बड़ापुल, सांवेर रोड, नीलगंगा, शांतिनगर, देवास रोड सहित कई महत्वपूर्ण मार्गों का विस्तार किया जाएगा। इससे व्यापारिक क्षेत्रों और नए आवासीय इलाकों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
अब प्रशासन के सामने समय पर काम पूरा करने की चुनौती
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि मुआवजा वितरण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है। यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय में पूरी हो जाती हैं, तो वर्षों से लंबित सड़क परियोजनाएं रफ्तार पकड़ेंगी और सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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