मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से बारिश का संकट गहराता जा रहा है। MP Weather Today से जुड़ी ताजा जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले करीब दो सप्ताह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार भारी बारिश नहीं होने के कारण वर्षा का संतुलन बिगड़ गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अब लोगों की उम्मीद जुलाई के अंतिम सप्ताह में बनने वाले नए मौसम तंत्र पर टिकी हुई है।
MP Weather Today: प्रदेश में 17 प्रतिशत कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक करीब 268 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य रूप से 323 मिमी से अधिक बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश फिलहाल औसत से लगभग 17 प्रतिशत पीछे चल रहा है। इसका असर सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों और खेती पर दिखाई देने लगा है।
प्रदेश के 39 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में स्थिति ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है, जबकि पश्चिमी जिलों में भी बारिश की रफ्तार कमजोर पड़ने लगी है।
आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को मुरैना, भिंड, दमोह और कटनी जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम और सागर संभाग के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
हालांकि नीमच, मंदसौर और रतलाम जैसे कुछ जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना व्यक्त की गई है। कई क्षेत्रों में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने के आसार बने हुए हैं।
किसानों की बढ़ी परेशानी
जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश होने से उम्मीद जगी थी कि इस बार मानसून सामान्य रहेगा, लेकिन पिछले लगभग 13 दिनों से तेज बारिश का दौर लगभग थम गया है। कई जिलों में सिर्फ हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे बारिश की कमी पूरी नहीं हो सकी।
बारिश कम होने के कारण खेतों में नमी घटने लगी है और कई इलाकों में किसानों को सिंचाई पर निर्भर होना पड़ रहा है। इसके साथ ही तापमान बढ़ने से बिजली की मांग में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
कुछ जिलों में स्थिति बेहतर
देवास जिला इस बार प्रदेश में सबसे अधिक बारिश दर्ज करने वाला जिला बना हुआ है। यहां सामान्य से 100 प्रतिशत से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। हरदा, इंदौर, सीहोर और भोपाल में भी स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है।
वहीं दूसरी ओर आलीराजपुर सबसे कम बारिश वाला जिला बना हुआ है, जहां सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। कई अन्य जिलों में भी वर्षा की कमी लगातार बढ़ती जा रही है।
जुलाई के आखिरी सप्ताह पर टिकी उम्मीद
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में एक नया और मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय हो सकता है। यदि यह मौसम तंत्र प्रभावी साबित होता है, तो प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
ऐसे में किसानों और आम लोगों की नजर अब आने वाले दिनों पर टिकी हुई है, क्योंकि अच्छी बारिश होने पर प्रदेश में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और खेती को भी राहत मिल सकती है।

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