फिल्म अभिनेता आमिर खान की कथित तीसरी शादी को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। इस मामले पर अलीगढ़ के मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने अपनी धार्मिक राय सार्वजनिक की है। उन्होंने कहा कि इस्लाम और शरीयत के अनुसार किसी मुस्लिम पुरुष का गैर-मुस्लिम महिला से निकाह मान्य नहीं माना जाता। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर इस विषय को लेकर बहस शुरू हो गई है।
मौलाना ने क्या कहा?
मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने कहा कि आमिर खान की कथित तीसरी शादी को लेकर कई लोगों ने उनसे इस्लामी दृष्टिकोण जानना चाहा था। इसके बाद उन्होंने कुरान और शरीयत के आधार पर अपनी धार्मिक राय सामने रखी। उनका कहना है कि इस्लाम के अनुसार मुस्लिम पुरुष के लिए मुस्लिम महिला से निकाह ही जायज माना जाता है।
गैर-मुस्लिम महिला से निकाह पर जताई आपत्ति
मौलाना ने कहा कि यदि कोई मुस्लिम पुरुष किसी गैर-मुस्लिम महिला से विवाह करता है और वह महिला इस्लाम स्वीकार कर ईमान नहीं लाती, तो ऐसा निकाह शरीयत के अनुसार वैध नहीं माना जाता। उन्होंने इसे धार्मिक नियमों के विपरीत बताया और कहा कि ऐसा करने वाले व्यक्ति को अल्लाह से तौबा करनी चाहिए।
किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने से किया इनकार
मौलाना ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी करना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद केवल इस्लाम की शिक्षाओं को लोगों तक सही रूप में पहुंचाना है। उनके अनुसार जब कोई मुसलमान शरीयत के विपरीत आचरण करता है तो समाज में गलत संदेश जाता है और लोग उसे इस्लाम का नियम समझ सकते हैं।
धार्मिक मत जारी करने की बताई वजह
मौलाना का कहना है कि लोगों के लगातार सवाल पूछने के बाद उन्होंने यह धार्मिक मत सार्वजनिक किया। उनका उद्देश्य केवल यह बताना है कि इस विषय पर कुरान और शरीयत का क्या दृष्टिकोण है, ताकि लोगों के बीच किसी तरह का भ्रम न रहे।
सोशल मीडिया पर तेज हुई चर्चा
मौलाना के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक दृष्टिकोण बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे व्यक्तिगत जीवन से जुड़ा विषय मान रहे हैं। फिलहाल इस पूरे मामले पर आमिर खान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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