उज्जैन में भगवान जगन्नाथ की 118 साल पुरानी रथयात्रा इस बार नए इतिहास की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। वर्षों से पुराने शहर की गलियों से निकलने वाली यह पारंपरिक यात्रा पहली बार नए उज्जैन के फ्रीगंज क्षेत्र तक पहुंच सकती है। यदि जिला प्रशासन और ट्रस्ट के बीच प्रस्ताव पर अंतिम सहमति बनती है, तो श्रद्धालुओं को इस बार बदले हुए मार्ग पर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने का अवसर मिलेगा।
118 साल पुरानी परंपरा में हो सकता है बड़ा बदलाव
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन पिछले 118 वर्षों से खाती समाज द्वारा किया जा रहा है। अब तक यह यात्रा कार्तिक चौक स्थित जगदीश मंदिर से शुरू होकर पुराने शहर के पारंपरिक मार्गों से होकर गुजरती रही है। इस बार समाज की ओर से यात्रा को बुधवारिया से टावर चौक फ्रीगंज तक ले जाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे नए शहर के श्रद्धालु भी इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बन सकें।
सड़क की स्थिति बनी बदलाव की बड़ी वजह
बताया जा रहा है कि रथयात्रा के पारंपरिक मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क निर्माण और खुदाई का कार्य चल रहा है। ऐसे में पूरे रास्ते पर रथ, झांकियां, बैंड और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही चुनौती बन सकती है। समाज के पदाधिकारियों ने संबंधित विभागों से सड़क सुधार को लेकर चर्चा की, लेकिन तय समय में काम पूरा होना संभव नहीं बताया गया। इसी कारण वैकल्पिक मार्ग पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
प्रशासन और ट्रस्ट की सहमति के बाद होगा अंतिम फैसला
रथयात्रा के नए मार्ग को लेकर ट्रस्ट और जिला प्रशासन के बीच चर्चा जारी है। यदि दोनों पक्षों की सहमति बनती है, तो इस बार भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा नए मार्ग से निकलेगी। यह बदलाव केवल मार्ग का नहीं, बल्कि उज्जैन की धार्मिक परंपरा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाएगा।
इस्कॉन मंदिर भी निकालने जा रहा है भव्य रथयात्रा
उधर, उज्जैन स्थित इस्कॉन मंदिर ने भी 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकालने की तैयारियां तेज कर दी हैं। मंदिर परिसर में रथ को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु रस्सियों के सहारे भगवान के रथ को खींचेंगे और भक्ति-भाव के साथ इस आयोजन में शामिल होंगे।
श्रद्धालुओं में उत्साह, नए मार्ग का इंतजार
रथयात्रा के संभावित नए मार्ग की चर्चा से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यदि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो फ्रीगंज सहित नए शहर के हजारों लोगों को अपने क्षेत्र में भगवान जगन्नाथ के दर्शन का सौभाग्य मिलेगा। अब सभी की नजर प्रशासन और ट्रस्ट के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है।

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