बडौद/दैनिक जन टाइम्स मोहम्मद आरिफ।: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच गुरुवार को लोकायुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की। बड़ौद तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम झलारा के हल्का पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। जमीन के सीमांकन से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है।
सीमांकन रिपोर्ट के बदले मांगी गई थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार झलारा निवासी किसान पाल सिंह परिहार अपनी जमीन के सीमांकन कार्य को लेकर पटवारी राजकुमार चौहान के संपर्क में थे। आरोप है कि पटवारी ने सीमांकन कार्य करने के बदले किसान से पहले 15 हजार रुपए ले लिए थे। इसके बाद सीमांकन रिपोर्ट देने के लिए फिर से 25 हजार रुपए की मांग की गई।
किसान ने जब इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो बाद में आरोपी पटवारी 5 हजार रुपए लेने पर राजी हो गया। लगातार हो रही पैसों की मांग से परेशान किसान ने इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की।
लोकायुक्त ने बिछाया जाल
किसान ने 1 जून को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक आनंद यादव के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने पूरे मामले की जांच की और आरोपों को सही पाए जाने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे जैसे ही किसान ने तय राशि आरोपी पटवारी को सौंपी वैसे ही पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पूरे घटनाक्रम को नियमानुसार रिकॉर्ड किया गया और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त अधिकारियों ने आरोपी पटवारी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने पहले कितने लोगों से इस तरह की अवैध वसूली की है।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई में डीएसपी राजेश पाठक निरीक्षक दीपक सेजवार और आरक्षक अनिल अटोलिया सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
कार्रवाई से क्षेत्र में मचा हड़कंप
पटवारी के रिश्वत लेते पकड़े जाने की खबर फैलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों पर इस तरह की कार्रवाई जरूरी है। लोगों का मानना है कि इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और आम नागरिकों को राहत मिलेगी।
स्थानीय लोगों ने लोकायुक्त टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे

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