फैशन डिजाइन स्केच को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है। कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में ऐश्वर्या राय बच्चन के शानदार रेड कार्पेट लुक के बाद लोगों का ध्यान उनके आउटफिट से ज्यादा उस स्केच पर गया, जिसे डिजाइनर अमित अग्रवाल ने साझा किया था। इंटरनेट यूजर्स ने सवाल उठाया कि फैशन डिजाइन स्केच में महिलाओं की बॉडी को इतना अवास्तविक और बेहद पतला क्यों दिखाया जाता है।
कान्स लुक के बाद क्यों बढ़ा विवाद
ऐश्वर्या राय बच्चन ने कान्स फिल्म फेस्टिवल में ब्लू रंग की खास डिजाइनर ड्रेस पहनकर सभी का ध्यान खींचा। यह आउटफिट डिजाइनर अमित अग्रवाल ने तैयार किया था।
हालांकि जब डिजाइनर ने सोशल मीडिया पर ड्रेस का 2D स्केच शेयर किया, तब कई लोगों ने उसकी तुलना ऐश्वर्या राय के वास्तविक लुक से करनी शुरू कर दी। यूजर्स का कहना था कि स्केच में दिखाई गई बॉडी वास्तविक इंसानी शरीर जैसी नहीं लग रही थी।
फैशन डिजाइन स्केच में पतली बॉडी क्यों दिखाई जाती है
फैशन इंडस्ट्री के विशेषज्ञों के अनुसार डिजाइन स्केच मुख्य रूप से कपड़ों की संरचना, फ्लो और स्टाइल दिखाने के लिए बनाए जाते हैं। इसलिए डिजाइनर अक्सर लंबे और पतले फिगर का इस्तेमाल करते हैं ताकि आउटफिट की डिटेल्स ज्यादा साफ दिखाई दें।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह एक पुरानी डिजाइन परंपरा है, लेकिन अब सोशल मीडिया के दौर में लोग इसे बॉडी इमेज से जोड़कर देखने लगे हैं। यही वजह है कि कई यूजर्स इसे अवास्तविक सौंदर्य मानकों को बढ़ावा देने वाला बता रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा
कई यूजर्स ने दावा किया कि स्केच और असली ड्रेस के फॉल में काफी अंतर दिखाई दे रहा था। कुछ लोगों ने लिखा कि डिजाइन इंडस्ट्री को अब वास्तविक शरीर के आकार को भी स्वीकार करना चाहिए।
वहीं कुछ फैशन एक्सपर्ट्स ने डिजाइनरों का बचाव करते हुए कहा कि स्केच केवल एक क्रिएटिव प्रस्तुति होती है, न कि किसी व्यक्ति की वास्तविक बॉडी का प्रतिनिधित्व।
बदल रही है फैशन इंडस्ट्री की सोच
बीते कुछ वर्षों में फैशन इंडस्ट्री में बॉडी पॉजिटिविटी को लेकर काफी बदलाव देखने को मिला है। कई बड़े ब्रांड अब अलग-अलग बॉडी टाइप वाले मॉडलों को प्रमोट कर रहे हैं।
हालांकि फैशन डिजाइन स्केच को लेकर उठी यह बहस दिखाती है कि लोग अब केवल कपड़ों पर नहीं बल्कि प्रस्तुति के तरीके पर भी गंभीरता से ध्यान देने लगे हैं।

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