किसान साथी ऐप अब किसानों के लिए खेती को आसान और स्मार्ट बनाने जा रहा है। झारखंड की राजधानी रांची स्थित बीआईटी मेसरा के छात्र मयंक नारायण ने इस खास एग्रीटेक प्लेटफॉर्म को विकसित किया है, जो किसानों को खेती से जुड़ी हर जरूरी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध कराएगा।
यह बहुभाषी ऐप किसानों को मिट्टी की उर्वरा शक्ति, मौसम, फसल चयन, सिंचाई और बाजार से जुड़ी जानकारी देगा। खास बात यह है कि किसान अपनी पसंदीदा भाषा में इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
किसान साथी ऐप की खासियत
किसान साथी ऐप को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ग्रामीण किसानों को किसी विशेषज्ञ पर निर्भर नहीं रहना पड़े। किसान अपनी जमीन और फसल से जुड़ी हर समस्या का समाधान मोबाइल पर ही पा सकेंगे।
अगर किसी फसल में बीमारी दिखाई देती है या पत्तों में बदलाव नजर आता है, तो किसान उसकी फोटो अपलोड कर सकेंगे। इसके बाद ऐप उस बीमारी की पहचान कर समाधान बताएगा।
इसके अलावा यह ऐप बताएगा कि किस मिट्टी में कौन-सी फसल बेहतर होगी, कितनी सिंचाई करनी है और कौन-सी फसल बाजार में ज्यादा लाभ दे सकती है।
स्मार्ट खेती की ओर बड़ा कदम
मयंक नारायण का कहना है कि अब खेती पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि तकनीक के साथ करनी होगी। यह ऐप किसानों को मिक्स्ड फार्मिंग और इंटीग्रेटेड फार्मिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी देगा।
ऐप के जरिए किसान यह जान सकेंगे कि एक ही खेत में अलग-अलग मौसम के दौरान कौन-कौन सी फसलें उगाई जा सकती हैं। इससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
किसानों की समस्याओं से मिला आइडिया
मयंक नारायण संथाल परगना क्षेत्र से आते हैं। उन्होंने बचपन से किसानों की परेशानियों को करीब से देखा है। उनका कहना है कि जानकारी के अभाव में किसान मेहनत तो बहुत करते हैं, लेकिन सही लाभ नहीं मिल पाता।
कई किसानों को यह तक नहीं पता होता कि धान के अलावा भी दूसरी लाभदायक फसलें उगाई जा सकती हैं। इसी सोच ने उन्हें ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने के लिए प्रेरित किया।
80 लाख का निवेश मिला
इस इनोवेटिव प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए मयंक को पूर्व एग्रीकल्चर सर्विस मैन की ओर से 80 लाख रुपये का निवेश भी मिला है। फिलहाल ऐप को और बेहतर बनाने पर काम जारी है।
जानकारी के मुताबिक अगले एक-दो महीनों में यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर लॉन्च कर दिया जाएगा। इसके बाद देशभर के किसान इसका लाभ उठा सकेंगे।

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