मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में एक तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना ढाबा रोड स्थित एक गली की बताई जा रही है, जहां सड़क चौड़ीकरण और नाला निर्माण का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत कुछ ही सेकंड में ताश के पत्तों की तरह ढह गई और पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया।
बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान इमारत के आसपास गहरी खुदाई की गई थी, जिससे उसकी नींव कमजोर हो गई थी। वहीं लंबे समय से जमा पानी ने भी स्थिति को और खराब कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने पहले ही प्रशासन को इस खतरे के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई।
घटना के दौरान पास में मौजूद लोगों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए सड़क पर आवाजाही रोक दी थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। गनीमत रही कि इमारत गिरने के समय कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, गिरते वक्त बिजली के तार और पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में डर का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंच गई और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि इमारत पहले से जर्जर थी और सुरक्षा के मद्देनजर उसे गिराया गया, लेकिन इस दावे पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों और मकान मालिकों ने नगर निगम पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इमारत ज्यादा पुरानी नहीं थी, बल्कि आसपास चल रहे निर्माण कार्य और पानी भराव की वजह से उसकी नींव कमजोर हुई, जिसके चलते यह हादसा हुआ। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।

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