मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गाड़ियों में पेंट करने के लिए इस्तेमाल होने वाला केमिकल पाउडर एमडी ड्रग्स बनाने में उपयोग किया जा रहा था। पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए गैरेज संचालक समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा?
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक गैरेज से संदिग्ध केमिकल की सप्लाई की जा रही है। इसके बाद टीम ने आगर रोड स्थित एक गैरेज पर दबिश दी, जहां से भारी मात्रा में प्रतिबंधित केमिकल बरामद हुआ।
75 किलो खतरनाक केमिकल जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 75 किलो ब्रोमोपोल क्रिस्टल पाउडर जब्त किया। जांच में सामने आया कि इस केमिकल का उपयोग एमडी ड्रग्स बनाने में किया जा रहा था। इसकी बाजार में कीमत हजारों रुपये प्रति किलो बताई जा रही है, लेकिन ड्रग्स बनाकर इसे कई गुना अधिक कीमत पर बेचा जाता था।
ऐसे चलता था पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी तरीके से केमिकल कंपनियों से यह पाउडर मंगवाते थे। इसे वाहनों के पेंट में इस्तेमाल बताकर खरीदा जाता था, लेकिन असल में इसे ड्रग्स बनाने वालों को सप्लाई किया जा रहा था।
यह नेटवर्क दूसरे राज्यों तक फैला हुआ था और कई लोगों की इसमें संलिप्तता सामने आई है। पुलिस को अब तक चार और संदिग्धों के नाम भी मिले हैं, जिनकी तलाश जारी है।
कई आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से मुख्य आरोपी सहित तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से मुख्य आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार किन-किन शहरों और लोगों से जुड़े हुए हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस केमिकल की सप्लाई कहां-कहां की गई थी।
यह मामला दिखाता है कि कैसे साधारण दिखने वाले केमिकल का गलत इस्तेमाल कर बड़ा अवैध कारोबार चलाया जा सकता है। पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, लेकिन जांच में अभी और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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