देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसके लिए संसद के बजट सत्र को बढ़ाकर 16 से 18 अप्रैल तक फिर से चलाने का फैसला लिया गया है, जिससे जरूरी संशोधन और प्रक्रियाएं पूरी की जा सकें।
क्यों बढ़ाया गया संसद सत्र
सरकार का फोकस महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करना है। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार यह आरक्षण अगली जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होना था, लेकिन इसमें देरी हो सकती थी। अब सरकार इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन कराने पर विचार कर रही है।
लोकसभा सीटों में बड़ा इजाफा संभव
सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने की तैयारी की जा रही है। अगर यह प्रस्ताव पास होता है तो संसद का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और प्रतिनिधित्व में बड़ा विस्तार देखने को मिलेगा।
महिलाओं को मिलेगा बड़ा फायदा
सीटों की संख्या बढ़ने के साथ महिला आरक्षण भी लागू होगा। एक-तिहाई आरक्षण के हिसाब से करीब 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं। इससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ सकती है।
राजनीतिक हलचल तेज
इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जहां एक तरफ इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं विपक्ष सरकार की रणनीति पर नजर बनाए हुए है।
अप्रैल का सत्र बनेगा अहम
16 से 18 अप्रैल तक होने वाला संसद सत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी दौरान इस मुद्दे पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं, जो आने वाले चुनाव और देश की राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं।

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