उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में आयोजित विक्रम व्यापार मेला इस बार रिकॉर्ड तोड़ सफलता के साथ समाप्त होने जा रहा है। इस मेले में शनिवार शाम तक करीब 38 हजार वाहनों की बिक्री दर्ज की गई, जिसने पिछले सभी वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
हर साल टूट रहा है रिकॉर्ड
विक्रम व्यापार मेले में वाहन बिक्री के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वर्ष 2024 में जहां 23,705 वाहन बिके थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 36,225 तक पहुंच गई। अब 2026 में 38 हजार का आंकड़ा पार होना यह दिखाता है कि बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है।
सैकड़ों करोड़ का कारोबार
विशेषज्ञों के अनुसार, इस मेले के जरिए शहर में सैकड़ों करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। ऑटोमोबाइल सेक्टर के साथ-साथ बैंकिंग, फाइनेंस, बीमा और सर्विस इंडस्ट्री को भी इसका बड़ा फायदा मिला है। इससे स्थानीय रोजगार और व्यापार दोनों को मजबूती मिली है।
टैक्स छूट बनी सबसे बड़ी वजह
राज्य सरकार द्वारा दी गई 50% रोड टैक्स छूट और इलेक्ट्रिक वाहनों पर पूरी टैक्स माफी ने लोगों को वाहन खरीदने के लिए प्रेरित किया। इससे मध्यम वर्ग के लिए वाहन खरीदना आसान हो गया और बाजार में मांग तेजी से बढ़ी।
लग्जरी कारों की भी जबरदस्त बिक्री
इस बार मेले में महंगी और प्रीमियम गाड़ियों की बिक्री में भी बड़ा उछाल देखने को मिला। एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली 20 से ज्यादा लग्जरी कारें बिकीं, जो शहर में बढ़ती आर्थिक क्षमता को दर्शाती हैं।
चुनौतियां भी बढ़ीं
जहां एक ओर यह रिकॉर्ड बिक्री शहर के विकास का संकेत देती है, वहीं दूसरी ओर इससे ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या भी बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करना जरूरी होगा।
उज्जैन बन रहा ऑटो हब
विक्रम व्यापार मेले की सफलता ने उज्जैन को मध्य प्रदेश के प्रमुख ऑटोमोबाइल बाजार के रूप में स्थापित कर दिया है। लगातार बढ़ती बिक्री और मजबूत मांग यह संकेत देती है कि आने वाले समय में यह मेला और भी बड़े स्तर पर आयोजित होगा। विक्रम व्यापार मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उज्जैन की आर्थिक ताकत का प्रतीक बन चुका है, जो हर साल नए रिकॉर्ड बना रहा है।

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