उज्जैन से एक बेहद दर्द भरी खबर सामने आई है जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया है। एक खुशियों भरा पिकनिक का पल देखते ही देखते मातम में बदल गया जब ढाई साल की मासूम बच्ची की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।
खेलते खेलते अचानक गायब हुई मासूम
उज्जैन के राजीव रत्न कॉलोनी में रहने वाली महिला अपने दोस्तों के साथ विष्णु सागर वाटिका में पिकनिक मनाने पहुंची थी। सभी महिलाएं आपस में बैठकर बातें कर रही थीं और उनके बच्चे पास ही खेल रहे थे। इसी दौरान ढाई साल की मासूम बच्ची भी अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी।
कुछ समय बाद जब मां की नजर बच्चों पर गई तो उसकी बच्ची वहां दिखाई नहीं दी। यह देख कर मां के होश उड़ गए और तुरंत ही बच्ची की तलाश शुरू कर दी गई।
अपहरण की आशंका से मचा हड़कंप
तलाश के दौरान कुछ लोगों ने बताया कि बच्ची को किसी के साथ जाते हुए देखा गया है। इसके बाद माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया और अपहरण की आशंका जताई जाने लगी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत जांच शुरू कर दी गई।
स्नीफर डॉग और एसडीआरएफ टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने हर एंगल से जांच शुरू की और आसपास के सभी रास्तों और सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया।
रातभर चला सर्च ऑपरेशन
पूरी रात पुलिस और बचाव टीम ने तालाब और आसपास के इलाकों में बच्ची की तलाश जारी रखी। वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और लगातार निगरानी करते रहे। रात में सर्चिंग के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो सुबह फिर से तलाश शुरू की गई।
दोनों थानों की पुलिस टीम पूरी रात जागकर इस मामले की जांच में जुटी रही और हर संभावित पहलू को ध्यान में रखते हुए काम किया गया।
10 मिनट में मिला मासूम का शव
सुबह के समय स्थानीय कुशल तैराकों की टीम को बुलाया गया। इस टीम ने बेहद तेजी से काम करते हुए महज 10 मिनट के भीतर ही तालाब के गहरे हिस्से से बच्ची का शव बाहर निकाल लिया। यह दृश्य देखकर परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल हो गया।
बताया जा रहा है कि यह टीम पहले भी कई मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद कर चुकी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद विष्णु सागर वाटिका की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। यह जगह पिकनिक के लिए काफी लोकप्रिय है और यहां रोज सैकड़ों लोग आते हैं लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अधिकांश सीसीटीवी कैमरे बंद थे और तालाब के पास किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं थी। यदि समय रहते सुरक्षा के उचित इंतजाम होते तो शायद इस हादसे को रोका जा सकता था।
पुलिस ने बताया हादसा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह एक दुर्घटना है और बच्ची खेलते खेलते तालाब में गिर गई थी। अपहरण जैसी सभी आशंकाएं जांच में गलत साबित हुई हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच पूरी कर ली गई है।
दिल को झकझोर देने वाली घटना
यह घटना हमें एक बड़ी सीख देती है कि छोटे बच्चों को कभी भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए खासकर ऐसे स्थानों पर जहां पानी या अन्य खतरे मौजूद हों। एक छोटी सी लापरवाही जिंदगी भर का दर्द बन सकती है।

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