आज हम एक बेहद दुखद और भावुक खबर के बारे में बात कर रहे हैं जिसने पूरे मध्यप्रदेश को झकझोर कर रख दिया है एक होनहार छात्र की विदेश में हुई मौत ने हर किसी को अंदर तक दुखी कर दिया है लेकिन इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार ने परिवार के साथ खड़े होकर एक बड़ी राहत दी है
कनाडा में हुई दर्दनाक घटना से परिवार में शोक की लहर
उज्जैन के रहने वाले छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा जो पढ़ाई के लिए कनाडा गए थे उनकी दो दिन पहले दर्दनाक हत्या कर दी गई इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है बताया जा रहा है कि उन पर कार चढ़ाकर हमला किया गया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई
गुरकीरत के पिता गुरजीत सिंह ने बताया कि उनका बेटा सवा साल पहले पढ़ाई के लिए विदेश गया था वह बेहद शांत स्वभाव का था और किसी भी तरह के विवाद से दूर रहता था परिवार के लिए यह घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है
मुख्यमंत्री ने परिवार से मिलकर दिया सहारा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खुद उज्जैन स्थित गुरकीरत के घर पहुंचे उन्होंने परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया मुख्यमंत्री ने गुरकीरत के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की
उन्होंने साफ कहा कि इस कठिन समय में सरकार पूरी तरह से परिवार के साथ खड़ी है और किसी भी तरह की आर्थिक परेशानी नहीं आने दी जाएगी
शव लाने का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कनाडा से गुरकीरत का पार्थिव शरीर भारत लाने का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी इससे पहले परिवार पर भारी आर्थिक बोझ था क्योंकि कनाडा में शव सौंपने के लिए करीब 40 हजार डॉलर यानी लगभग 35 लाख रुपए की मांग की गई थी इसके अलावा भारत लाने में करीब 10 लाख रुपए और खर्च आने की संभावना थी
सरकार के इस फैसले से परिवार को बड़ी राहत मिली है और अब उन्हें आर्थिक चिंता से थोड़ी राहत मिल गई है
कनाडा में जांच प्रक्रिया के कारण देरी संभव
जानकारी के अनुसार कनाडा में हत्या के मामलों में जांच प्रक्रिया काफी सख्त होती है जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक शव परिजनों को नहीं सौंपा जाता
पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है परिवार का कहना है कि शव भारत आने में दो से तीन सप्ताह का समय लग सकता है
पूरे प्रदेश में शोक और आक्रोश
इस घटना के बाद पूरे मध्यप्रदेश में शोक का माहौल है लोग इस घटना पर गहरा दुख जता रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं एक होनहार छात्र का इस तरह जाना हर किसी के दिल को दुखा गया है
यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों की सुरक्षा कितनी जरूरी है साथ ही यह भी साफ हो जाता है कि संकट के समय सरकार का साथ कितना महत्वपूर्ण होता है मुख्यमंत्री द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल आर्थिक मदद है बल्कि परिवार को भावनात्मक सहारा भी देता है

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